Monday, October 1, 2018

आज बापू के लिए...

गांधीजी ओर विश्व।
सबसे अधिक जिन्हें आदर्श माना गया हैं वैसे महारथी,वैश्विक नेता और विश्व विभूति।
पिछले कुछ दिनों से हम गांधी जीवन पर काम कर रहे हैं।कल दोपहर के समय कुछ काम चलता था तो मैने कहा 'बापू मुझसे सिर्फ 110 साल बड़े थे।' मेरो बात सुनकर मेरे एक दोस्त ने कहा 'जी 110 साल कोई बड़ा फांसला नहीं हैं। मजाक करते हुए हम पपेट शो की तैयारी देखने गए। श्री हितेश भ्रमभट्ट ओर उनके साथी इसके लिए काम कर रहे हैं।गांधीजी के जीवन के लिए एक कहानी को पसंद किया गया हैं और हम उसकी तैयारी देखने लगे।

आज विचार केंद्र का मा.मंत्रिश्री भूपेंद्रसिंहजी चुडासमा के कर कामलोसे विचार केंद्र का उद्घाटन होगा। आज से दो साल तक लगातार समूचे देश में 150 वी जन्म जयंती को मनाया जाएगा। आज का दिन नई पीढ़ी के लिए गांधीजी को समझने के लिए कुछ नए प्लान करके ऐसे विचारो को फैलाने का काम होगा।

मुजे खुशी हैं कि इस महत्वपूर्ण काम से में जुड़ा हु, ओर मुजे भी बापू को समझने के लिए एक अवसर मिला हैं।

सरकुम:

गांधी विचार फेलायेंगे,
बापू को ही अपनाएंगे।

जो होगा विश्व में आज के बाद,
उसे बापू के आशीर्वाद बतलायेंगे।

1 ऑक्टो.

Sunday, September 30, 2018

मेरी सोच और...


एक दोस्त। उन्होंने आखिरी बार उनके साथी से बात की।जब उनकी बात हुई उस के बाद वो संपर्क नहीं कर पाए हैं। अब जब बात होगी तो उनमे जागड़ा नहीं होगा,क्यो की जगड़े की बजह से उनसे बात नहीं होती थी।
अब कुछ दिनों बाद।
आज दोनो साथ हैं। दोनो दोस्त साथ बैठकर बात करते हैं।उस वख्त किस बात पे झगड़ा हुआ था? आज किसी को मालूम नहीं हैं,न पूरी कोई बात याद हैं। अक्सर दो  दोस्त, सहकर्मी या जीवन साथी के बीच ऐसी अनबन होती रहती हैं। ये भी जीवनका ओर कर्म का सिद्धांत हैं। जब खाना सामने होतो उसकी कदर नहीं होती,मगर जब जरूरत होती हैं तो हमे चावल भी पसंद आते हैं। ऐसी अनबन से काम और प्यार में बढ़ोतरी होती हैं। 
होगा ये की जब अनबन हुई हैं तो पहले बात कोन करेगा। मेरा मानना ये हैं कि पहले ओर दूसरे की कोई बात नहीं है। जब आप बात करने की कोशिश करेंगे, तो आपको एक खराब प्रतिक्रिया मिली होगी, ये परिवर्तन  सहज है, जो हो सकता है, इसलिए कृपया इसे रोकना नही है। मन के विचारों को रोकने से वो स्प्रिंग जैसे हो जाते हैं। जितना दबा के रखेंगे,उतनी तेजी से उछलेंगे। जब बहोत सारे विचार एक साथ इकठ्ठे होकर नकारात्मक रूप लेते हैं तब कुछ समस्याए खड़ी होती  नजर आती हैं।उन लोगों की कोई कमी नहीं है जो उन हाथों को काटते हैं जो उन्हें खिलाते हैं, लेकिन जब आप सही लोगों के साथ रहोगे तो गलत सोच वाले आप को परेशान करेंगे,क्यो की आप की सोचने की कमजोरी उन्हें मालूम हैं।
इसका एक ही रास्ता हैं।
अपनी सोच को मजबूत करो,ओर अपने इरादों को किसी के सामने बयां करो।क्या मालूम सही रास्ते को पहचान ने के लिए समस्याओं का सामना तो करना ही पड़ता हैं। किसी विचारक ने कहा हैं ' अगर आगे बढ़ते समय रास्ते में कोई दिक्कते नहीं आ रही हैं, उसका मतलब ये भी हैं कि शायद रास्ता गलत हैं। किसी ने इस बात को कहते हुए लिखा हैं कि रास्ता तो वही रहता हैं,उसके ऊपर चलने वाले आगे बढ़ते रहते हैं।

सरकुम:
एक खूबसूरत गाना हैं।
एक अकेला थक जाएगा,
मिलकर बोझ उठाना, मेरे साथी हाथ बढ़ाना।

Saturday, September 29, 2018

समस्या और समाधान


एक बहुत ज्यादा जटिल समस्या आपको बहुत ज्यादा परेशान कर सकती है और इसे हल करना आपके लिए काफी कठिन भी हो सकता है। अगर आपके सामने एक-से ज्यादा समस्याएँ हैं, तो उन्हें छोटे-छोटे भागों में बाँट लें और फिर एक-एक कर के उनका सामना करें। अगर आप अपनी समस्या को छोटे-छोटे भागों में बाँट लेंगे, तो इससे आपको इनके हल की तलाश करने में आसानी होगी। भले पूरी समस्या हल न हो, उस के बारेंमे जानकर भी कुछ अच्छा कर सकते हैं। 

जैसे कि, अगर आपको किसी क्लास को पास करने के लिए बहुत सारे असाइनमेंट्स पूरे करने हैं, तो पहले इस बात पर ध्यान लगाएँ, कि आपको कितने असाइनमेंट पूरे करने हैं, फिर उन्हें एक-एक कर के पूरा करने की कोशिश करें। सिर्फ खुशिया बाटने से बढ़ती हैं वो आपनके सुना होगा। बस, वैसे ही दर्द और काम के बारे में अपनों को बताना जरूरी हैं। कुछ बाते ऐसी होती हैं जिस में दरार पड़ने से मजबूती ओर बढ़ती हैं। देखिए ओर याद कीजिए। मीठे जगड़े के बाद जब पति पत्नी साथ बैठते हैं तो प्यार बढ़ता हैं। महसूस होता हैं।

जब कभी भी आप से हो सके, तो किसी भी समस्या को एक करके और फिर हल करने की कोशिश करें। जैसे कि, अगर आपके पास में पढ़ाई करने के लिए वक़्त नहीं बचा है, तो फिर क्लास की तरफ जाते वक़्त रिकॉर्ड हुए लेक्चर को सुनें या फिर डिनर का इंतज़ार करते हुए आपके नोट्स ही पढ़ लें। बस,छोटी छोटी बुराइयों को छोड़कर जो अच्छा है उस पर ध्यान केंद्रित करें।

सरकुम:
जो है सो हैं,
न कुछ बदलेगा,
न कुछ बिगडेगा।
बस, सोच को मजबूत करो।
बस, सोच कर ही कदम भरो।

Thursday, September 27, 2018

कुछ खास :3D



किसी भी समस्या को सुल्जा ने में दो पहलू होते है। रियल में कोई भी समस्या या सवाल 3 परिमानिय होती हैं। उस तीनो बातों को एक बार समजीए।देखिए...

1. जो हम जानते है।
2. जो हम नहीं जानते।
3. कोई तीसरा केंद्र भी हो सकता है।

अपने साथ में एक और दूसरा प्लान लेकर चलें ताकि आप सिर्फ किसी एक ही समाधान पर न अटके रह जाएँ। जैसे ही आपको सारे संभावित समाधान मिल जाएँ, मगर जो समाधान आप ने देखे या समजें है वो 3D का सिर्फ एक हिस्सा हैं। इन हर से मिलने वाले परिणामों के बारे में सोचना शुरू कर दें। 

हर एक संभावित परिणाम के बारे में विचार करें और किस तरह से ये आपको और आपके आसपास के लोगों को प्रभावित करेगा, सोचें। आपकी कल्पनाओं के लिए एक बेस्ट-केस सिनारियो और एक वर्स्ट केस-सिनारियो तैयार करें। ऐसा करने से हकीकत ओर भ्रम का फैंसला हो जाएगा। अगर कोई आप को उनका पासवर्ड देता है तो उसे मालूम है की वो कुछ छुपाने के इरादे से नहीं हैं।

सरकुम:


नहीं में अकेला,
मुजे यकीन है मेरे यकीन पर।
कुछ भी होगा तो मुजे नहीं कोई फिकर,
बस,  कुछ कहकर तो मुजे मुजे सजा  कर!

Tuesday, September 25, 2018

शक्ति को सन्मान...

आज सबसे बड़ी पूनम हैं।
शक्ति की आराधना करने वालो के लिए आज का दिन महत्व पूर्ण हैं। शक्ति याने जो हमे साथ दे,विश्वास दे और अपने साथ रखे। अपने दुख को हम से छुपाए ओर सुख को हमसे बाटे।

मा अंबा, महाकाली या चामुंडा। शकि ओर भक्ति उपासको को अवश्य मिलती हैं। आज के दिन माँ से जो मांगते हैं,मिल जाता हैं। हमारे अंदर कोई पाप नहीं हैं तो शक्ति की देवियां हमे सहाय करती हैं।

किसी ने खूब कहा हैं,

गोकुल देखो,
मथुरा देखो।
कृष्ण की मूर्ति भी देखो तो काली हैं।
सारे जग के सुख देने वाली रात भी देखो काली हैं।
काली महाकाली वो तो सर्व शक्ति शाली हैं।

ऐसी सर्व शक्तिमान सिर्फ माँ हो सकती हैं। हर औरत शक्ति का स्वरूप हैं। जो शक्ति में आस्था रखते हैं, जो शक्ति की आराधना करते हैं। उनका दिल भी विशाल होता हैं।
जीवन मे बहोत सारे उतार चढ़ाव आते हैं।तब घर की शक्ति याने ऑरत ही घर को सजाती हैं, संवारती हैं। कुछ ऐसा नहीं जो औरत न कर पाए। पहाड़ को भी रौंदना शक्ति के लिए आसान हैं।बड़े पर्वत भी जहां शीश जुकाते हैं वहाँ में भी आज नतमस्तक हूं।


सरकुम:

जीवन में चाह हैं तो राह हैं,
वरना ये जीवन भी कंगाल हैं।

Monday, September 24, 2018

संभावना ओर सच


आपके पास पहले से मौजूद ज्ञान और जानकारी में खुद को और भी मजबूत कर लें। अगर वो जानकारी पक्की है तो उसे आदर करे।  फिर इस बात का पता लगाएँ, कि आपको क्या चाहिए। समजीए...

पहले कोई बीमार था।
धीरे धीरे अब उसमें सुधार है।
अगर सुधार है तो आप को मानना होगा की कुछ संभावना हैं।
अपने आपको हर जरूरी जानकारी से अवगत कराएँ, फिर इन सभी को कुछ ऐसे इकट्ठे करें, जो आपके काम आए। अगर कुछ अच्छा होने के लिए कुछ बुरा करना इसका मतलब है, उस के प्रति भाव प्रकट करना। जो मा होती है, वोही दवाई खिलाती हैं। 

उदाहरण के लिए, अगर आप किसी टेस्ट को पास करना चाहते हैं, तो पहले ये तय करें, कि आपको पहले से कितना आता है और आपको कितना और पढ़ना है। पहले आपको पहले से मालूम जानकारी को दोहरा लें, फिर आपके नोट्स, टेक्स्टबुक या आपके लिए मददगार अन्य सोर्स से और भी ज्यादा जानकारी अपने की कोशिश करें। जानकारी बदल भी सकती हैं। आज से कुछ सालों पहले किताबो ने गूजरात की जो जानकारी है, वो आज सही नहीं हो सकती। जानकारी को सही मायने में ओर परिस्थिति के सामने देखना चाहिए।

सरकुम:

कुछ नहीं होता,
जब सीखने बैठते है।
पुराना सामने होता है।
नए में समज की कमी  हैं।
सो, पढ़ाई वैसे ही छूट जाती है।

बच्चे की गलती क्या थी,
बच्चा समज नहीं पाया हैं।
सरकार सामने ये गुनहगार आज,
हाथ जोड़ के रो खड़ा है,आँख मूंद के खड़ा है।


अंतिम दिबस तब होगा...


गुजराती फ़िल्म थी।
पोस्टर में लिखा हैं उसे हिंदी में अंतिम दिवस कहते हैं।कई बार हम सोचते हैं कि मेरे इस काम के लिए ये आखरी दिबस हैं। मगर आप के लिए ओर एक दिन का इंतजार करने का लिखा होता हैं। अगर सही में हमारे कहे अनुसार अंतिम दिबस होता तो हमारी ओर से होने वाले बहोत सारे काम  आज न हुए होते।

किसी ने खूब कहा हैं कि चलो आज ही खुश हो लेते हैं,
क्या मालूम कल गम के लिए भी हमारे पास जीवन न हो।

कृष्ण ने कहा हैं,
जो करते हो,वो भरते भी हो।
मगर सबसे बड़ा सवाल भी ये होता हैं कि ज्यादातर हमे मालूम ही नहीं होता कि ये भरपाई हम किस बात की कर रहे हैं। ऐसे समय हम चाहते हैं कि आज का ये दिन हमारे दुख का अंतिम दिवस हो।
#छेल्लो दिवस

सरकुम:
अंतिम दिवस तब होगा,
जब मेरा होंसला टूटेगा।
जब मेरा इरादा छूटेगा।
न कोई मुजे समजायेगा,
न मुजे कोई  बतलायेगा।
वो अंतिम दिन मेरा होगा।