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Sunday, June 10, 2018

कौशल्यो का संग्रह...


आज कल स्किल का जमाना हैं।कुछ साल पहले ऐसा नहीं था।कोई भी व्यक्ति किसी भी पदवी को प्राप्य करता और उसे काम मिल जाता था।कुछ सालों से हम देख रहे हैं कि हमारी सरकार और हमारा समाज भी स्किल वाले दामाद या बहु खोज रहे हैं।
मेरा सबसे पहला रिकॉर्ड 2008 में हुआ।वो लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड था।मुजे कहानिया लिखने के लिए आए सन्मान मिला था।उसके बाद 2014 तक तो मैने गिनीज़ बुक ऑफ रिकोर्डमें मेरा नाम दो बार दर्ज करवा लिया।
मेरे रिकॉर्ड के बाद मुजे अहसास हुआ कि क्यो न बच्चो के स्किल को एक रिकॉर्ड बुक के स्वरूप में बनाया जाय।
2015 में जब मुजे ब्रिटिश काउंसिल से मानद डॉक्टर्ड का सन्मान मिला तो अहसास हुआ कि संयुक्ताक्षर के बगैर कहानी लिखने का अगर मुजे इतना सन्मान मिला तो क्यो न में बच्चो से जुड़े काम को आगे बढाने का काम न करू।
ऐसा सोच कर मेने भारत के बच्चो के कौशल्य को खोजने का ओर उसे प्रकाशित करने का ठान लिया।मेने उसके लिए जानकारी इकट्ठा की हैं।सारे देश में क्रिएटीविटी वर्कशॉप करते हुए ऐसे बहोत सारे बच्चो को मैने खोजा हैं।
आप से अनुरोध हैं कि किसी भी प्रकारकी नवीनतम कार्य व्यवस्था या स्किल अगर किसी बच्चे में आप देखते हैं तो कृपया इस जानकारी को आप मुजे तक पहुंचाए।
ये किताब साल में एक बार छपेगी।हम उसे 12 दिसम्बर को लॉन्च करेंगे।इस काम के लिए पिछले 6 महीनों से मैने संपर्क अभियान ओर खोज का काम किया हैं।जैसे रिकॉर्ड बुक में नवीनतम रिकॉर्ड ओर रोचक बातें छपती हैं,वैसे ही यहाँ बच्चो के बारे में ये जानकारी छपेगी।

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मेघालय ओर उत्तराखंड जैसे भारत के कुछ प्रान्तों में हमने हमारे प्रतिनिधि की  घोषणा भी कर दी हैं।पहले चरण में हम गुजरात,राजस्थान और महराष्ट्र के प्रत्येक डिस्ट्रिक्ट में हमारे प्रतिनिधियो की जानकारी आपशे शेर करेंगे। ये स्किल खोजने का काम हैं।उसमें प्रतिनिधि से ज्यादा व्यक्तिगत अवलोकन भी उपयोगी बन सकते हैं।

12 दिसम्बर को आप हमारी साइड को ऑन लाइन देख पाएंगे।आप से अनुरोध हैं जी 12 दिसम्बर 2018 में शुरू होने वाले इस अभियान से आप आजसे जुड़े।

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विचार हमेशा हमारे आगे चलते हैं।उसे पकड़पाना मुश्किल हैं,पकड़कर भी आप उसे ठहरा नहीं सकते हैं।इसका एक अर्थ ये हैं कि हम विचारों को समजीए ओर वैसे आगे बढ़े।