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Sunday, July 23, 2017

Tv & mobil...


आप कार्टून देखते होंगे!आज से 13 साल पहले की बात हैं!दूरदर्शन को छोड़ के प्राइवेट चेनल नई नई आई थी!स्टार प्लस पे सांस बहु की बाते चलती हैं!महिलाएं खास कर इन सीरियल्स में इतनी मस्त ओर व्यस्त होती हैं कि वो दूसरी ओर देखते नहीं हैं!आज के समय मे टी.वी.  के साथ मोबाइल,टेबलेट ओर एनरोइड भी ऐसे उपकरण हैं कि व्यक्ति इतना व्यस्त हो जाता हैं!पूछो मत!इस कार्टून में महिला दिखाई गई हैं!कार्टूनिस्ट के लिए वो सिर्फ केरेक्टर हैं!पुरुष भी आज कल एनरॉइड में व्यस्त होते हैं!पूछो मत!मगर आज इस कार्टून बहोत कुछ कहा हैं!में जूठ नहीं कहूंगा!आप समझदार हैं!

Sunday, April 23, 2017

आप और क्या क्या रखोगे...

एक प्राइवेट स्कुल के संचालक बेठे हैं!उनके सामने एक छोटा बच्चा और उसके पिता जी खड़े हैं!स्कुल बुक्स,किताबें,पेन,पेन्सिल और ड्रेस भी रखती हैं!कई स्कुल में तो हर दिन ड्रेस बदलता हैं!

ऐसा करने से शिक्षा में क्या सुधर होगा वो मालुम नहीं हैं!हां,संचालक को फायदा जरूर होगा!ऐसी सोच और समज को एक छोटे से चित्र के माद्यम से उसने अच्छी तरह पेश किया हैं!इंडियन न्यूज़ मेगेजिनके कार्टोनिस्ट समीर का ये कार्टून पेरेंट्स के साथ प्राइवेट स्कुल के संचालको के साथ भी टेडी मात मगर प्यार से कहते हैं!  
आज के समय में ऐसे चित्रकार अपनी अलग बातें लेके आते हैं और अपनी पहचान बनाते हैं!समीर भिन्न भिन्न विषय के उपर कार्टून बनाके समग्र भारत और विदेशोमें भी अपने कार्टून का मंचन कर चुके हैं!

Saturday, April 22, 2017

अब टीचर बाल काटेंगे!

भारतमें कार्टूनिस्ट को पसंद करना हो तो में अभिषेक को पसंद करूँगा!उनकी सोच ओरो से अलग चलती हैं!आज कल स्कुल में बच्चो और टीचर्स के बिच जो बाते सामने आती हैं!उसमें से एक हैं की प्राइवेट स्कुल वाले कुछ ऐसा करते हैं की वो ज्यादा पैसा इकठ्ठा कर सके!
आज कल तो कई राज्य की सरकार ने भी प्राइवेट स्कुल की फ़ीस को तय करनेका एक कानून बनाया हैं!अब हमारे संचालक क्या करेंगे?
कुछ संचालक ऐसे होते हैं जो पैसा कमाके उसी पैसो से गरीब बच्चो को पढ़ते हैं!आज राईट टू एज्युकेशन ने कहा की 25 % गरीब बच्चे खानगी स्कुल में पढाओ!अच्छे अच्छे अमीरों को मेने गरीब होते हुए देखा हैं!
अभिषेक ने अपने इस विकली कार्टन में एक ऐसीही बात छेडी!बच्चे  पिता को एक छोटे बच्चे की माँ कहती हैं की स्कुल से सूचना मिली हैं की अब मुन्ना के बाल भी स्कुल कहेगी उसी दुकान से कटवाने होंगे!नए सलमें और क्या क्या नया आया हैं!देखेंगे!आप के पास भी ऐसी कोई जानकारी या कार्टून हैं तो मुझे भेजे!

Thursday, February 2, 2017

अब में स्कुल जाऊँगा...

आज के दिन अगर सबसे बड़ा कोई सवाल हैं तो वो हैं शिक्षा से जुडी हुई बातोंका।जो भी हो चाहे अनपढ़ या शिक्षित।शिक्षामे क्या करना चाहिए उसके बारेमे वो अपनी जानकारी देते रहते हैं।

शिक्षासे जुड़े कुछ लोग सरकारी हैं या सरकार से लाभ प्राप्त करते हैं।ऐसे लोग जो सदैव शिक्षाके लिए अपने कार्य या अधिकार क्षेत्र के बाहर की भी बात करते हैं उन्हें ऐ कार्टून अर्पित करता हूँ।शिक्षामे तकनिक आवश्यक हैंअगर देखा जाए तो आजके दिनमे टेक्नोलोजो के अलावा शिक्षा संभव नही।मगर कुछ लोग जो जॉय फूल लर्निंगको कुछ और समझते हैं।ऐसे अनूठे शिक्षा सुधारको के लिए।

ऐ बात मेरी समाज से परे हैं की स्कुल बेगका वजन कम करने से ही जॉय फूल लर्निग अमली होगा?अगर ऐसा हैं तो ये कार्टून ठीक ऐसी सोच वाले कार्टून्स के लिए हैं की वो सिर्फ स्कुल बेगको हटानेसे ही मान ते हैं की बच्चे जॉय फूल लर्निग में आ गए हैं!

में यहाँ ऐ बात बताना चाहता हु की मेरी दो लड़किया हैं!एक दसवी कक्षामे पद्धति हैं!दूसरी वाली जो है वो कक्षा छ में पढ़ती हैं!मेने मेरी बड़ी बेटी को प्री स्कुल में दाखिल करवाया था!आज अगर जो मूल्याकन सिस्टम हैं उसमे वो बी ग्रेड की विद्यार्थिनी मणि जाती हैं!जो मेरी छोटी बेटी हैं उसको मैंने सीधे कक्षा चार में प्रवेश दिलवाया था!आज छोटी बेठी हैं वो ऐ प्लस ग्रेड में हैं!यहाँ मेरा कहनेका मतलब आप जो भी निकलना चाहे आप निकल सकते हैं!आशा रखता हूँ की आप आपके विचार मुझे भेजेंगे!

धन्यवाद....

Wednesday, December 14, 2016

मेरी नोट कब बांध होगी?

आजकल हमारे देश में दो बात चलती हैं!एक नोट बंधीकी बात!दूसरी बात हैं ब्लेक मनी वालोका क्या होगा?इस दोनों बतोमे सबसे महत्त्व पूर्ण बात हैं...क्या हर तरीको से  नोट बांध होगी?क्या पेपरलेस प्रोसेस की और भारत बढ़ रहा हैं?क्या ऐसा होगा की हम सब्जी लेने जाएंगे और कार्ड से पेमेंट करेंगे?

कुछ नया होता हैं तो कुछ नया करना पड़ता हैं!आज कल जो बाते चल रही हैं उसके आधार पे सन्देश के कार्टोनिस्ट ने एक कार्टून बनाया हैं!

एक बच्चेकी माँ नेता जेसे दिखने वाले पुरूष को कहती है!'लीजिए...जवाब दीजिए...ऐ बच्चा कह रहा हैं की हमारी नोटबुक्स कब बांध होगी?!पिछली एक दशक से ज्यादा हम जॉय फूल लर्निग के लिए प्रयत्न कर रहे हैं!इस के लिए बहोत कुछ करनेके बावजूद अभी बहोत करना बाकी हैं! modi जी ने तो 500 और हजार की नोट बंधी करदी!बहोत बढ़िया कदम माना जाता हैं!मगर छोटे बच्चो की नोटबुक कब बंध होगी?

अपने आपको जे.कृष्णमूर्ति समजने वाले लोग शिक्षाको सिर्फ किताब से जुड़ते हैं!जोड़ के देखते हैं!मगर जे कृष्णमूर्ति के विचारो से चलने वाले रूशिवेली पेटन को नहीं देखते नहीं समाज ते हैं!
में आशा रखता हूँ की शिक्षामे प्रवृत्ति को सिर्फ खिलवाड़ और टाइम पास के तोर पे देखने वाले लोग एक बार रूशिवेली जाए!समाज के साथ शिक्षामे भी जो सही हैं उसे ग्रहण करे!
शुभमस्तु...

Monday, April 7, 2014

हमारी शिक्षा प्रणाली...

सभी को शिक्षा का अधिकार हैं!इस बातको कानून की तहत देखा गया हैं!हमारे देश के संविधान में इस बात को रखा हैं! यहाँ सवाल ये होता हैं की,क्या हमारा देश...हमारी शिक्षा के प्रति जानकारी और हमारे वोही पुरानी सोच क्या हमें इस अधिकार को पूर्ण करने में सहयोग देगी.आप क्या जानना चाहते है!आप क्या कर सकते हैं!शिखना केसे सीखे ये साडी बाते महत्त्व पूर्ण हैं.पर यहतो वाही गिसे पिटे लोग,अपनी लकड़ी से सभी को एक तरफ ही ले जाने की कोशिश करते हैं!क्या ऐसा नहीं हो  सकता की,संगीत और नृत्य को एक शोख की बजाय एक ध्येय के रूप में शिखाया जाए?क्या सभी बच्चे डॉक्टर बनाने के लिए ही पैदा हुए हैं?क्या कोई अच्छा पत्रकार या समाज सेवी नहीं बनाना चाहिए?

आज कल नेताओ के बारे में उनके परिचयमें लिखा होता हैं...शोख:समाज सेवा.मगर वो कोई शिक्षा की बड़ी लायाकत प्रापर नहीं होते.!क्या समाज सेवा का कक्षा एक से ही कोई ऐसा पाठ्यक्रम नहीं होना चाहिए की जो तय करे को इस लायाकत को प्राप्त करने वाला समाज की सेवा ही करेगा...!आज की शिक्षा प्रणाली पे एक कार्टून. 

love you Dad


मेरी दो लडकी.बरी रूचा.छोटी चार्मी.मेरे निवास्थान का नाम इसी लिए मेने रखा 'रुचार्मी'यहाँ एक पारिवारिक कार्टून है!आप को पसंद आ सकता है..

what is life


आज साब कुछ गूगल कहेता है,
कई सवाल जो बातों बातों में उभरते हैं,वो भी किस तरी के से तकनीक के कारन हंसी के पात्र बनाते है.देखि ऐ एक छोटा मगर बढिया कार्टून.

कोन गधा नहीं?


आज कल चुनावका मोसम हैं !

यहाभी गधा हैं,वहभी घधा हैं !जिधर देखू सिर्फ गधे ही गधे हैं,
घोड़े को खाने के लिए गैस नहीं,और गधा च्यवन प्रास खा रहा हैं.

देखते हैं,अब इस चुनाव में क्या होता हैं.आज कल तो सभी नेताओ को रब दिखता हैं....

Thursday, October 31, 2013

Modi & Manamohan On SARADAR

Mr modi and manamohan Both the leaders praised Sardar Patel for his contribution as a patriotic politician of his times and took the opportunity to hit out at each other as well. Modi said Sardar Patel deserved to be the first Prime Minister of the nation and had he been the PM the fortune of the country would have been different. Manmohan Singh countered Modi by stating Sardar Patel was a secular man and that he and Nehru(the first Indian PM) had deep mutual respect.


ysayin.files.wordpress.com/2013/10/manmohan-singh-modi-share-dias-cartoon.jpg

Wednesday, October 16, 2013

Without words


Cartoonist   is the creator.
Unnamed creative word.
Creation of such a  creation ....
(on viral pandya's wall)