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Monday, March 12, 2018

अब आगे...

ऋचा ने गाया।
में कहता हूं कि अच्छा गाया।
उसे संतोष नहीं हुआ हैं।वो कहती थी कि में ओर अच्छा कर सकती थी।मगर नहीं कर पाई।यहां से सात आर्टिस्ट को पसंद किया जाएगा।उसमें से विजेता पसंद होंगे।गुजरात भ्रह्म समाज द्वारा आयोजित ये दूसरा पड़ाव हैं।बहोत सारी सामाजिक प्रवृत्ति से जुड़ा ये ट्रस्ट संगीत में भी विशेष कर रहा हैं।
कुछ दिनोंमें तय होगा की मेगा फाइनल में रुचा गायेगी की नहीं।अगर वो नहीं भी गाती हैं तो मुजे कोई दुख नहीं हैं।उस के पास ओर भी वख्त हैं।वो जरूर कुछ खास करेगी।आज अगर में कहूँगा की ऋचा गायेगी तो मुजे ख़ुशी होगी तो एक बात तय हैं कि उसे भी खुशी होगी।अपने परफॉर्मेंस से वो ज्यादा खुश नहीं थी।फिरभी देखते हैं।मुजे यकीन हैं कि उसने अच्छा गाया था।और आगे इस कार्यक्रम में या अन्य कार्यक्रम में गायेगी।
शुभमस्तु...
# ऋचा can मुमकिन हैं।

@#@
अगर हम सफल नहीं होते हैं,तो सफलता थोड़ी दूर हैं,असंभव नही हैं।सख्त परिश्रम ही हमे निष्फलता से दूर करता हैं।

Wednesday, November 29, 2017

आज की दुनिया


आज की सुबह।
मेरी जिंदगी की नई सुबह।
रात होती हैं तो लगता हैं हाश होगी।
जब,रात गुजर जाती हैं तो सुबह होती हैं।वो सुबह कभी तो आएगी...एक अद्भुत गाना।

सुबह से निकले हैं,राही रात को पहुचेंगे,
देखेंगे,समजेंगे साथी,नए तरीके खोजेंगे।
#राही:व्यक्ति
आज सुबह मेरी अमदावाद में होंगी।मेरे सुबह सुबह ही अहमदाबाद शांत लगता हैं।सूर्योदय से पहले अगर खिड़की नहीं खुली तो कब 10 बजे व्व मालूम नहीं पड़ता।शहेर में दिन नही समय चलता हैं।रात नही होती,रात का सन्नाटा भी नहीं होता।रडे ऐसी ऑफिसमें बारिश,गर्मी या ठंडी समान हैं।यह किसी से कोई भेदभाव नहीं हैं।हाला की अमदावाद शहर का प्रत्येक व्यक्ति चलता हैं तो ही जाके शहर भागता हैं।
आज का दिन मेरे कुछ खास दिनोंमें से एक हैं।
अमदावाद में पहुंचने पर जैसे आज खुशी हुई।
मेरी सरकार:मेरा अमदावाद
#Thanks दादा दी...
#Thanks सरकार...
91.1 गुडमोर्निंग अमदावाद...

Sunday, November 26, 2017

शादी की पत्रिका


एक व्यक्ति।
जो काम करता हैं।
बस,उसी में जुड़ा रहता हैं।
स्वयं उसका स्वभाव ही ऐसा हो जाता हैं।बात हैं चेतन पटेल की।कल उसकी शादी थी।में भी इस ख़ुशिका हिस्सा बना।मेरी खुशियों से जुड़ी नहीं आपको चेतन की शादी की बात करूंगा।जो चेतन को जानते हैं उन्हें ये बात नई नहीं लगेगी।चेतन इनोवेशन को ही खोजता ओर अमल करता और करवाता हैं।
उसकी शादी की पत्रिका को उसने बहोत सुंदर तरीके से छापा हैं।आज तक हुए बहोत सारे इनोवेशन में से कुछ पसंदीदा इनोबेशन उसने अपनी पत्रिका में छपवाये थे।आप को आए पत्रिका देखके ही चेतन की जीवन शैली के बारे में मालूम पड़ता हैं।
शादिमें एक बात जो मेने तब देखी जब शादी के वख्त गानो के साथ वहां की महिलाएं धार्मिक श्लोक ओर स्तुतिका पठन सामूहिक तोर पे करती दिखी।
चेतन ओर आवृत्ति को अपनी शादीशुदा जिंदगी के लिए शुभकामना।
#चेतनावृत्ति...