Showing posts with label Bee The Change. Show all posts
Showing posts with label Bee The Change. Show all posts

Sunday, December 10, 2017

प्रथम चरण मतदान...

गुजरात में चुनाव का माहौल हैं।प्रथम चरण का मतदान खत्म हो चुका हैं।पिछली बार से यहाँ 2%मतदान कम हुआ हैं।में सरकारी कर्मचारी हूँ।में कुछ बोल नहीं सकता।में सिर्फ गुप्त मतदान कर सकता हूं।मगर में जरूर कहूंगा कि मतदान ज्यादा होना चाहिए।

अगर हमारी उंगली पे चुनाव की शाही नहीं लगी हैं तो 5 साल तक हमें किसी सरकार पर उंगली उठाने का अधिकार नहीं।
मुजे याद हैं 2012 में हमने मतदार जागृति के लिए एक डॉक्यूमेंट तैयार किया था।वीडियो में हमने मताधिकार ओर मतदार जागृति के लिए संदेश दिया था।आज भी में आप को मतदान करने की ही विनंती करता हूँ।
सरकार हमारी नहीं हो सकती,मगर सरकार के हम जरूर हो सकते हैं।अपने मताधिकार का उपयोग करने वाले व्यक्ति को ही सारे अधिकार मिलने चाहिए।

क्या...हम कर्तव्य करेंगे?
क्या...हम सरकार के होंगे?
क्या...हमे दूसरे अधिकार चाहिए?


इन सारे सवालों के जवाब एक ही हैं।मताधिकार हमारा भारतीय होने का गौरव हैं।विश्व की सर्वाधिक मतदार वाली लोकशाही के हिस्से में हम भी एक हैं।
इस गर्व के साथ मतदान अवश्य करें...
#Bnoवेशन
#We can मुमकिन हैं...!

Saturday, December 2, 2017

We can...?



जो है उसे देखो,
जो होगा उसे देखलेंगे।

मेरे दोस्त ने आज मुजे ये संदेश दिया।हररोज मुजे दोस्त व्हाट्स एप या अन्य व्यवस्था के माध्यम से संदेश देते हैं।इस संदेश के पीछे उन्होंने लिखा था की इन दो लाइन पर में लिखू।
मेरा लिखना एकदम सरल और सहज मुद्दों पर होता हैं।ये ऊपर वाली बात तो एकदम से अलग थी।
मेण्य उसे दो बार पढा।जो हैं इसे देखो।ये वर्तमान में जीने की बात हैं।में आप को दो उदाहरण देता हूं।

जो हैं उसे देखो... 
मेरे एक दोस्त।वो शादी से परत आ रहै थे।वहां से वो गाड़ी में बेठे।कुछ आगे चलते गाड़ी में पंक्चर हो गया।उनके  पास दो विकल्प थे।एक वो दूसरी गाडीमें चला जाय।उनकी नियत  प्रगति को पाने के लिए आगे बढ़ते रहै।उनका दूसरा रास्ता था वे उस पंचर वाली गाड़ी के साथ खड़े रहें।वो व्यक्ति गाड़ी वाले के साथ खड़े रहे।उन्होंने  टायर चेंज किया और प्रगति की ओर बढ़े।
किसी के साथ कुछ समय चलने के बाद अगर कोई दिक्कत हैं तो उसे सुधारनी चाहिए,नहीं कि उसे छोड़ देना चाहिए।
एक प्रसिद्ध कहानी हैं।एक व्यक्ति ने आश्रम बनाया।
यह व्यक्ति सदैव सबको सहयोग करता था।उस के सहयोग से बहोत लोग कुछ पा रहे थे,पाने की आस में जुड़ रहे थे।व्यक्ति अपने आपमें विशेष होने का लोग कहते थे।लोग इस आश्रम से या व्यक्ति से जुड़ ते जा रहे थे।एक दिन की बात हैं।अपने आश्रम से सभी काम निपटा के सभी लोग जा रहे थे।अंत में आश्रम की वो व्यक्ति ओर उनके एक साथी रुके।दोनों एक ही काम कर रहे थे,जिस बजह से किसी को जल्दी जाने का मौका भी नहीं था।दोनों व्यक्ति आश्रम में काम को प्राधान्य देते हुए उसे निपटाकर बहार निकल।अब हमारी दूसरी कहानी शुरू होगी।
वो व्यक्तिभी आश्रम से निकले।साथ में उनसे जुड़े साथी भी थे।दोनों आश्रम के बाहर आते दिखाते थे।किसी गाड़ी को देखकर व्यक्ति ने हाथ उठाया।दोनों को गाड़ी में बिठाया गया।दोनों गाडीमें बैठे ही थे कि गाड़ी ने शुरू होने से मना कर दिया।आधे घंटे तक इस के पीछे श्रमनकरने के बादभी गाड़ी शुरू नहीं हुई।दोनों को था कि अगर गाड़ी चालू हो जाती तो मंजिल पा लेते।अब ...!गाड़ी से उतर के दोनों कुछ दूर गए।दोनों गाड़ी को ओर परस्पर एक दूसरे को देखते हैं।कहते हैं ना आश हैं वहाँ राह हैं।क्या मालूम क्या हुआ कि थोड़ी देर में दोनों वापस आये।गाड़ी में बैठे।सिर्फ मैन को मनाने के लिए गाड़ी को शुरू करने के लिए दोनों आश्रमवासी ने गाड़ी वाले को कहा।गाड़ी थोड़ी देर के बाद शुरू हो गई।
अब दूसरी वाली बात आती हैं।मगर उस से पहले बात बनती हैं कि जो हैं उसे देखो।।।और उस को सही भाव से जो अच्छा हैं वो ही हुआ हैं ऐसा समज  के जुड़के रहने वाले सभी सिद्धि को प्राप्त करते हैं।गाड़ी बिगड़ने के बाद भी उस के साथ जुड़ा रहना वो तो जो हैं उसे देखो,ओर जो तकलीफ हुई या गाड़ी शुरू करने के तक जो श्रम हैं उसे 'जो होगा उसे देख लेंगे...'वाली बात से जुड़ जाता हैं।
में कहूंगा कि हर जवाबदेही को निभाते हुए जो हैं उसे देखो,ओर जो होगा उसे देखलेंगे वाले बोधन को जीवन के हर मोड़ पर भी हम चिपका के देख सकते हैं।समज के अमल करके कुछ प्राप्त कर सकते हैं।
गाड़ी हैं तो पंक्चर होगा,गाड़ी हैं तो बिगड़ेगी मगर जों गाड़ी लेके निकले हैं उसे कभी नही छोड़ेंगे।धीरे धीरे मगर गति को बनाये रखेंगे।

#we can मुमकिन हैं...!

Friday, December 1, 2017

HIV AIDS

आज का दिन विश्वमें विशेष तौर पे मनाया जाता हैं।लोक जागृति से जुड़े इस दिन को मनाया जाता हैं।इस दिन को स्वास्थ्य से जुड़ के पूरे विश्वमें मनाया जाता हैं।AIDS को इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम या एक्वायर्ड इम्यूनो डेफिसिएंसी सिंड्रोम के नाम से मेडिकल फिल्डमें पहचाना जाता हैं।AIDS के साथ दूसरा शब्द जुडा हैं।वो शब्द हैं एचआईवी जिसे ह्यूमन इम्यूनो वायरस कहा जाता हैं।जो मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है। इस रोग को पहली बार 1981 में मान्यता मिली। ये एड्स के नाम से पहली बार 27 जुलाई 1982 को जाना गया।
एचआईवी संक्रमण आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे में प्रेषित हो जाता है,यदि उन्होंने शारीरिक द्रव या रक्त श्लेष्मा झिल्ली के माध्यम से कभी सीधे संपर्क किया है। पहले की अवधि में, एचआईवी/एड्स से पीड़ित लोगों पर बहुत से सामाजिक कलंक लगाये जाते थे। अनुमान के मुताबिक, ये उल्लेख किया गया है कि, 33 लाख लोग एचआईवी से संक्रमित हैं और 2 लाख लोगों का हर साल इसकी वजह से निधन हो जाता है।
एचआईवी एक वायरस है, यह रोग प्रतिरक्षा प्रणाली की टी-कोशिकाओं पर हमला करता है और ईसके कारण एक रोग होता है ये एड्स के रूप में जाना जाता है। यह मानव शरीर के तरल पदार्थों में पाया जाता है जैसे: संक्रमित व्यक्ति के रक्त, वीर्य, योनि तरल पदार्थ, स्तन के दूध में जो दूसरों में सीधे संपर्क जैसे: रक्त आधान, ओरल सेक्स, गुदा सेक्स, योनि सेक्स या दूषित सुई याने की किसी के ऊपर उपयोगमें ली हुई इंजेक्शन को उबाले बिना फिर से लगाने से फैलता है। यह प्रसव के दौरान या स्तनपान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं से बच्चों में भी फैल सकता है।

एचआईवी:एड्स के लक्षण और संकेत एचआईवी एड्स से संक्रमित व्यक्ति के निम्नलिखित संकेत और लक्षण है...
बुखार...ठंड लगना...गले में खराश...रात के दौरान पसीना...बढ़ी हुई ग्रंथियाँ
वजन घटना...थकान....दुर्बलता...जोड़ो का दर्द...मांसपेशियों में दर्द...लाल चकत्ते उसकी निशानी हैं।लेकिन, इस रोग के कई मामलों में प्रारंभिक लक्षण कई वर्षों तक दिखाई नहीं देते जिसके दौरान एचआईवी वायरस के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली नष्ट हो जाती है। जो की लाइलाज है। संक्रमित व्यक्ति इस अवधि के दौरान किसी भी लक्षण को कभी महसूस नहीं करता है और स्वस्थ दिखाई देता है।
लेकिन एचआईवी संक्रमण वायरस इसके खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं।आखिरी चरण में व्यक्ति एड्स की बीमारी से ग्रसित हो जाता है। आखिरी चरण में संक्रमित व्यक्ति को निम्नलिखित संकेत और लक्षण दिखने शुरू हो जाते है:
धुंधली दृष्टि...स्थायी थकान
बुखार(100F ऊपर)...रात का पसीना दस्त (लगातार और जीर्ण)सूखी खाँसी
जीभ और मुंह पर सफेद धब्बे
ग्रंथियों में सूजन...वजन घटना...साँसों की कमी जैसे लक्षण हैं।कपोसी सार्कोमा, गर्भाशय ग्रीवा, फेफड़ों, मलाशय, जिगर, सिर, गर्दन के कैंसर और प्रतिरक्षा प्रणाली (लिम्फोमा) का कैंसर होता हैं।
आज के दिन ये तय करे कि अपने स्वास्थ्य के प्रति जागृत रहे और HIV AIDS से बचे।
#शुभमस्तु...

Tuesday, November 21, 2017

ऋषिपाल:एक बंदा.. नेक बंदा...

ऋषिपाल।
एक अभिनव शिक्षक।एक इनोवेटर्स।एक नवाचार के शोधक ओर शोधसृष्टि के सहयोगी।हरियाणा में रहते हैं।अध्यापक हैं।आने काम से समय बचाकर वो बच्चो के नवाचार खोजने के काम में जुड़के रहते हैं।पिछले कई सालों से हम हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों तक ऋषिपाल के सहयोग से जा पाए हैं।पहुंच पाए हैं।
उनके स्वभाव में ही ऐसी एक बात हैं जो उन्हें कभी हारने नहीं देती।सृष्टि इनोवेशन से जुड़े ऋषिपाल हनी बी नेटवर्क के स्थायी सदस्य और सहयोगी हैं।सप्तरंगी फाउंडेशन,गुजरात के वो मार्गदर्शक भी हैं।गुजरात में आयोजित हो चुकी बहोत सारी क्रिएटीविटी वर्कशॉप में वो जुड़ चुके हैं।नेशनल कोंफ़र्न्स के आयोजन में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहता हैं।आप भी उनके काम को पसंद करेंगे।
#Bnoवेशन

Monday, November 20, 2017

महेंद्र की कहानियां

एक बच्चा।
उसका नाम महेंद्र।
महेंद्र कहानियां लिखता हैं।महेंद्र बच्चा हिने परभी कहानियां लिखता हैं।उसके शिक्षक श्री पंकजभाई प्रजापति ने उसकी कहानियों को देखा।उसे मार्गदर्शन दिया।प्रोत्साहन दिया।लोगो से बिनती करके पैसा जुटाया।ओर महेंद्र परमार की कहानियां की किताब छपी।

सबसे कम उम्र वाले ये साहित्यकार को सन्मान भी अनूठा मिला हैं।आईआईएम अमदावाद में उसे निमंत्रण प्राप्त हुआ।यहां उसकी कहानियों को सराहा गया।दिल्ही में आयोजित राष्ट्रपति भवन के कार्यक्रम में महेंद्र परमार को सृष्टि के माध्यम से निमंत्रण प्राप्त हुआ।सृष्टि ओर हनी बी नेटवर्क के माध्यमसे डॉ अनिल गुप्ता के सहयोग से महेंद्र को ये सन्मान प्राप्त हुआ।
#सृष्टि
#हनी बी
#Bnoवेशन

Tuesday, November 14, 2017

ऊबन2




कुछ नाम ऐसे होते हैं,जिनका अर्थ कुछ अलग होता हैं।कुछ अर्थ भी ऐसे होते हैं कि जिसके बारेमें बादमें मालूम पड़ता हैं।वैसा एक नाम हैं,उबुन्टु ( UBUNTU ) के नाम के बारे में एक सुंदर जानकारी हैं।
उबुन्टु ऑपरेटिंग सिस्टम
( Ubuntu Operating System )जिसे हम कम्प्यूटर के बारे में जुड़ी हुई बात के स्वरूपमें देखते हैं।बात ऐसी थी कि
कुछ आफ्रिकन आदीवासी बच्चों के ऊपर एक मनोविज्ञानी प्रयोग कर रहे थे।उन्होंने बच्चो से एक खेल खेलने को कहा।

खेलमें ऐसा था कि  एक टोकरी में मिठाइयाँ और कैंडीज एक वृक्ष के पास रख दिए गए थे।बच्चों को वृक्ष से या कहें कि मिठाई से  100 मीटर दूर खड़े कर दिया गया था।

फिर बच्चो को कहा गया कि, जो बच्चा सबसे पहले पहुँचेगा उसे टोकरी के सारे स्वीट्स मिलेंगे।जैसे ही जानकारी दी गई, रेड़ी... स्टेडी ...ओर गो कहा...तो कुछ नया सामने आया।

सभी ने एक दुसरे का हाँथ पकड़ा और एक साथ वृक्ष की ओर दौड़ गए, पास जाकर उन्होंने सारी मिठाइयाँ और कैंडीज आपस में बराबर बाँट लिए और मजे ले लेकर खाने लगे।

जब मनोविज्ञानी ने पूछा कि, उन लोगों ने ऐंसा क्यों किया ?तो उन्होंने कहा" उबुन्टु ( Ubuntu )"जिसका मतलब होता हैं,कोई एक व्यक्ति कैसे खुश रह सकता है जब, बाकी दूसरे सभी दुखी हों ? "

उबुन्टु ( Ubuntu ) का उनकी भाषा में मतलब है,में कहूँगा  की " मैं हूँ क्योंकि, हम हैं! "आइए उबुन्टु ( Ubuntu ) वाली जिंदगी जिएँ...मैं हूँ क्योंकि, हम हैं!
#साथ बना रहै...!

Saturday, November 11, 2017

UNICEF ओर शिक्षा

भावेष pandya pandya bhavesh dr bhavesh pandya iim innovation education वर्ल्ड record लिम्का record

आज शिक्षा का बहोत महत्व हैं।कुछ दिन पहले वडोदरा से मुजे निमंत्रण मिला।UNICEF के साथ बरोडा की स्थानिक संस्थाभी इसमें जुड़ी थी।बच्चियो के लिए वैश्विक स्तर पे क्या संभावना हैं।कोनसी व्यवस्था का निर्माण करना चाहिए।कैसे शिक्षामें छोटी बातों को इम्प्लीमेंट करके परिणाम प्राप्ति तक पहुंच सकते हैं।इन महत्वपूर्ण विषयो के साथ मुजे भी निमन्त्रित किया गया था।
मेण्य मेरी बात रखी।सभी को पसंद आई।बहोत लोगोने उसे शेर भी किया।दीपक जो की इस कार्यक्रम के फोटोग्राफर थे।उन्हों ने मेरे साथ ये फोटो शेर किये हैं।
UNICEF गुजरात की लक्ष्मी भवानी मेम के साथ 91.1 RJ जाह्नवी के साथ मेरा पहला परिचय हुआ।91.1 के माध्यम से मुजे कहानी कहने का मौका मिला।शिक्षा में नवाचार ओर मेरी समजाई बातों के साथ चर्चा करके मुजे अच्छा लगा।
कुमार मनीष जो मेरे दोस्त हैं।जिन्होंने Times of India में मेरे इनोवेशन की स्टोरी की थी।उनके सहयोग से मुजे ये मौका मिला।
#UNICEF
#Bnoवेशन
#Innovation

Friday, November 3, 2017

લોહીની સગાઈ


આજ થી '104' નંબર ભારતમાં રક્તની જરૂરિયાતો માટે ખાસ નંબર બનશે. આ સેવાનું નામ "બ્લડ ઑન કોલ"  છે.આ નંબર પર ફોન કર્યા પછી 40 કિ.મી.ની ત્રિજ્યામાં ચાર કલાક ની અંદર રક્ત પહોંચાડવામાં આવશે. જરૂર વાળી જગ્યાએ લોહી પહોંચાડવાનો ચાર્જ એક બોટલ એટલે કે 300 CC નો ખર્ચ 450 આપવામાં આવશે.એક બોટલ દીઠ  અને પરિવહન માટે રૂ.100 રૂપિયા વધારાનો સેવા કર આપવાનો રહેશે.આ સંદેશ સૌને પહોંચાડવા પ્રયત્ન કરશો.
આ સંદેશા ને અન્ય ગ્રૂપ મા મોકલવા વિનંતી જેથી અન્ય વ્યક્તી મદદ રૂપ થઈ શકાય.કોઈનો જીવ બચાવી શકાય.

Tuesday, October 31, 2017

खादी


खादी का सन्मान करता हूँ।खादी का सन्मान करता रहूंगा।गांधीजी के साथ खादी को जोड़ा गया हैं।गांधी जी ने खादी को गरीबी से जोड़ा था।गरीबी दूर करने के लिए उस वख्त खादी ही एक मात्र विकल्प गांधीजी ने पसंद किया था।
आज हमारे देश ने तरक्की की हैं।आज गरीबो की खादी नेताओ तक पहुंची हैं।कोई एक नेता आज गरीब नहीं हैं।शायद इसी लिए गरीबी से खादी को हम जोड़ नहीं पा रहे हैं।
आज जो नेता खादी के नाम से कपड़े पहनते हैं,वो हैं तो खादी लेकिन गांधीजी वाली नही। आजकल नेता के कुर्ते में से अगर में रुमाल बनाऊ तो रुमाल की कीमत 2000 हो सकती हैं।
खादी पहनने से कोई देशप्रेमी नहीं होता,ओर कोई मिल का कपड़ा पहनने से देश का गुनहगार नहीं बनता।मगर हमे खादी खरीदनी ओर पहननी चाहिए।
#गांधी विचार

Sunday, October 22, 2017

हम बदलेंगे...

चार बच्चे।
चार बेग,दो बच्चे आ रहे हैं।दो बच्चे जा रहे हैं।हैं तो बच्चे मगर काम जुदा हैं।जिन बच्चों नर कचरा इकठा करने वाला बेग हैं इनके परिवार भी ज्यादातर ऐसे बच्चो के जैसा ही काम करते होंगे।जो बच्चे अच्छे बेग पकड़के जा रहे हैं उनके पेरेंट्स भी ऐसे ही मजदूरी का काम करते होंगे।मजदूरी वाले बच्चो के पास पढ़ने को पैसा नहीं,स्कूल जाने वाले बच्चोबके पेरेंट्स के पास समय नहीं।जिसके पास जो कुछ हैं,उससे अधिक की वो व्यक्ति अपेक्षा रखता हैं।बेग बदल के देखो तो मालूम पड़ेगा कि हम क्या क्या प्राप्त करते हैं,या हम क्या क्या प्राप्त करने से चुके हैं।सब हो सकता हैं।धैर्य की आवश्यकता हैं।बेग में कचरा उठाने वाले बच्चे पैसा कमा लेते हैं।जो आर्थिक संम्पन परिवार के बच्चे नही कर पाते।
हमे जो करना हैं,इसके लिए हमे ध्येय सिद्ध करके आगे बढ़ना हैं।विचार को बदल ने से कुछ नही होगा,हमे व्यावस्था बदलनी हैं।हम बदलेंगे,सब बदलेगा।हम बदल के रखेंगे।हमे ही बदलना होगा।
#Bee The Change
#Bno

Saturday, October 21, 2017

भाई दूज...



Bhavesh पंड्या, भवेशपांड्या।डॉ भावेष पंड्या।डॉ recordbooklimcaindia book teacher world record teacher bhavesh pandya 2008 innovation.bhavesh geet innovation..Be the chAnge dr klam dr bhavesh dr anil gupta
भाई बीज।हिंदी वाले प्रदेश में इसे भाई दूज भी कहते हैं।भाई और बहन के प्यार का त्योहार।मेरी बहन जागु।अरे,हमारी बहन जागु।उसके दो भाई में ओर हमारी बड़ी सरकार।हम तीन भाई बहन के परिवारमें 5 बच्चे।जिसमें 4 बेटियां ओर एक बेटा।'बेटीया सबकी लेकिन लड़का हमारा।आज ऋचार्मी, जैना ओर वेनु का एक भाई।भाई का नाम निशांत।अब कुछ दिनोंके बाद बच्चियों की भाभी ओर जीजाजी भी आएंगे।आज के इस त्योहार में वैसेतो कमी नहीं हैं मगर फिरभी कुछ सदस्य ऐसे हैं जो नहीं थे उनकी कमी महसूस हुई
आज तक कि दीवाली में आज की दीवाली कुछ नई थी।नयापन न दिखते हुए भी उसका अहसास होता था।आज भाई बहन के घर जाता हैं।बहन उसे प्यार से खिलाती हैं,प्यार जताती हैं।वैसे तो में छोटा हूं, मेरे खानदान में सबसे छोटा होने के बावजूद आज परिवार में में कितनो से बड़ा हु।आज में खुश हूं।आज मेरी परिवार के साथ दीवाली हैं।कल में मेरी बहन से मिला था।दो साल बाद हम नए सालमें मिले।जिन्हें नहीं मिल पाए उनके लिए हमारी दुआ हैं।आज के त्योहारों के अंतिम दिन आप सभी को नए साल में ऊर्जा...ओर उल्लास प्राप्त हो,सभी को नए साल में पुरानी दिक्कतो का सामना न करना पड़े ऐसी नए सालमें प्रार्थना।
हम साथ रहे हैं।
हम साथ रहेंगे।
देखेंगे,समजेंगे नए तरीके खोजेंगे।
देश को अपने बढ़ायेगे, नया सवेरा लाएंगे।
आप खुश,हम खुश।हम खुश,सब खुश।
सब खुश, सबक से  खुश।
#Bnoवेशन

Wednesday, September 6, 2017

याद रखूंगा...

में बहोत कुछ भूल सकता हूँ।में आज तक बहोत कुछ भूल चुका हूं।कुछ ऐसा भी हैं कि में भूलना नहीं चाहता।ओर भूलबी नहीं पाऊंगा।मेरे एक साथिने मुजे ये पोस्टर भेजा,वो दोस्त सवाल वाला दोस्त हैं।सवाल न हो तो वो कुछ सेंड नहीं करता।सवाल ये था कि हमे क्या भूलना चाहिए और क्या याद रखें।
सवाल तो मुश्किल हैं।सबसे पहले मेने उसे सवाल किया।मेरा सवाल था भूलना क्यो हैं।ऐसा भी हो सकता हैं कि याद रखके जिया जाय।मगर याद रखके जीने से बहेतर हैं भूल के जिया जाय।
में ये भी मानता हूं कि ऐसा याद रखो जो जीवन में आगे जाके जरूरी हो।जीवन और व्यक्तिगत विकास में सहयोगी हो।ऐसा भूलना चाहिए जो हमे काम से दूर करता हो,कर्तव्यों को निभाने में अड़चन करती बातो को भूलना चाहिए।मुजे मेरे परिवार के साथ रहकर मेरे प्रति जिम्मेदारी बढ़ाने वाले विचार और व्यक्तिको याद रखना चाहिए।

#मेरा विचार:मेरी सरकार

Wednesday, August 23, 2017

On line innovation

नवाचार क्या हैं?
ग्रासरूट नवाचार क्या हैं?
इसका महत्व कैसे तय करें,कोन इसके बारेमें समजा सकता हैं?ये सारे सवाल जहां भी उठते है वहाँ जवाब के लिए एक ही व्यक्ति हैं 'पद्म श्री अनिल गुप्ता'।
पिछले दिनों से वो नव विचारको के लिए एक on line फोरम के ऊपर काम कर रहे हैं।समग्र भारत के कबच्चो को इस on line फोरम में जोड़ना चाहते हैं।भारत के बच्चे समजे ओर भाषा की कोई समस्या न हो ऐसा अभ्यासक्रम या फोरम बनाना चाहते हैं।गुजरात वाला बच्चा भी समजे, तमिल वालाभी समजे ओर पूर्वोत्तर के राज्यमें भी बच्चे जुड़े रहें।
अब क्या करे तो सामग्री तैयार करनेका रास्ता मीला।इस सवाल का जवाब sristi. इनोवेशन परिवार ने निकाला।तय ये हुआ कि प्रो.अनिल गुप्ता बच्चो के साथ काम करेंगे और उसे रिकॉर्ड करके कुछ रास्ता निकालने के बारे में सोचा।अब जो बातचीत अध्यापक बनके अनिल गुप्ता ने समजाई हैं वो बात ओन लाइन फोरम के माध्यम से सभी बच्चे समजे ऐसा करना हैं।काम अभी शुरू हैं।UNICEF का इसमें सहयोग हैं।आगे और अच्छा करने की लगन से बच्चों के साथ पूरी थिंकटैंक हैं।विश्वमें ग्रासरूट इनोवेशन की पहचान देनेवाले श्री अनिल गुप्ता का सीधा मार्गदर्शन हैं।
वाह...वाह...क्या बात हैं।अहमदाबाद में पुरादिन बारीश होने के बावजूद बच्चे जो आज आईआईएम अमदावाद में पहुंचे उनको अभिनंदन ओर उनका धन्यवाद अदा करता हूं।
अब बदलेगा इंडिया...
मेड इन इंडिया...
मेक इन इंडिया...
मेनेज इन इंडिया...

Sunday, August 20, 2017

क्या ओर कब...

हमारी जिंदगी।
हम ही जानते हैं कि केसी हैं।हमारे आसपास दो बातें हैं।knowledge ओर wisdom,इन दोनों के बीच हम हमारी जिंदगी को जैसे पसार कर रहे हैं।ऐसी जिंदगी जो हम किसी ओर के लिए जी रहे हैं।
ज्ञान हमे बोलना सिखाता हैं।बोल ने से व्यक्ति की पहचान होती हैं।हमारे पास जो जानकारी होती हैं उसके आधार पर हम बोलते हैं।मगर कहा जाता हैं कि क्या बोलना वो ठीक है,कहाँ ओर कैसे बोलना वो महत्वपूर्ण हैं।बोलने के लिए क्या वो तो मिल जाएगा मगर कहा बोलना वो सीखनें में कई लोगो की जिंदगी निकल जाती हैं।
मेरे पास ज्ञान है,तो में सफल बनूँगा ऐसा नहीं हैं।उस ज्ञान का कम और कैसे इस्तमाल करना हैं उसका विजन हैं तो ही में सफल रहूंगा।मुजे क्या नहीं कब के आधार पे सफलता मिलेगी।और वो कब का मुजे इंतजार रहेगा।
#सरकार...कब...
#DrB

Thursday, August 17, 2017

Bee The Change

भावेश पंड्या वार्ता रेकॉर्ड लिमकबरेकोर्ड iim इनोवेशन सृस्टि टीचर भावेश वर्ल्ड रिकॉर्ड हनी बीबी कलाम apj अब्दुल कलाम दो कलाम भावेश डॉ भावेश dr bhavesh pandya innovation bhavesh pandya.org iim dr kalam dr abdul kalam inoveshan innovation india record world record
अच्छी चीजें ओर अच्छी बातें हमे पसंद आती हैं।अच्छा या नया करने के लिए क्रिएटिव थिंकिंग जरूरी हैं।ऐसे बच्चों को खोज के उन्हें IGNIT एवॉर्ड दिया जाता हैं।आज 240 से अधिक बच्चे के सन्मान प्राप्त कर चुके हैं।ऐसे  बच्चो तक पहुंचने के लिए UNICEF ओर सृस्टि के सहायसे एक फोरम तैयार किया गया हैं।
भावेश पंड्या वार्ता रेकॉर्ड लिमकबरेकोर्ड iim इनोवेशन सृस्टि टीचर भावेश वर्ल्ड रिकॉर्ड हनी बीबी कलाम apj अब्दुल कलाम दो कलाम भावेश डॉ भावेश dr bhavesh pandya innovation bhavesh pandya.org iim dr kalam dr abdul kalam inoveshan innovation india record world record
मेरा सौभाग्य हैं कि इस कार्यमें मुजे जुड़नेका मौका मिला।15 अगस्त को इसे बच्चो को अर्पण किया गया।डॉ अनिल गुप्ता के मार्गदर्शनमें ये संपन हुआ।on line फोरम के निर्माण के लिए ऑफ लाइन ट्रेनिग की जा रही हैं।इसे रिकॉर्ड करने के बाद उसे अपलोड किया जाएगा।
भावेश पंड्या वार्ता रेकॉर्ड लिमकबरेकोर्डanil gupta dr bhavesh pandya dr anil gupta iim इनोवेशन सृस्टि टीचर भावेश वर्ल्ड रिकॉर्ड हनी बीबी कलाम apj अब्दुल कलाम दो कलाम भावेश डॉ भावेश dr bhavesh pandya innovation bhavesh pandya.org iim dr kalam dr abdul kalam inoveshan innovation india record world record
जैसे जैसे नए बच्चे जुड़ेंगे।वो क्रमशः मॉड्यूल करते रहेंगे।इस तरह बच्चो के विचार या कल्पना जो वैश्विक किया जाएगा।
गुजरात की प्रथम HD न्यूज़ चैनल Vtv ने उसे कवरेज दिया।इस काम मे जो भी जुड़े हैं,जो जुड़ना चाहते है उन सबका शुक्रिया।
इसके बारे में आप sristi.org से संपर्क करके अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।ऐसे नबचार के कार्यो से आपको अवगत कराता रहुगा।
ऐसे बच्चों के बारें में जानने के लिए 
जय हिंद...

Wednesday, August 16, 2017

इन्हें सलाम...


आज कल कुछ अच्छे संदेश आते हैं।में पिछले 2 सालों से प्रत्येक दिन एक पोस्ट शेर करता हूँ।मेरे कामसे जुड़े पोस्ट ज्यादा लिखता हूँ।कई सारे दोस्त ऐसे हैं जो मुजे विषय या सामग्री देते हैं।जो मुजे कुछ सामग्री भेजता हैं
उसे में लिखता हूँ तो भेजने वाले का यथायोग्य ओर कथायोग्य उल्लेख करता हूँ।मेरे एक दोस्त हैं।जनक दवे।उन्होंने आसाम की कोई एक स्कूल का फोटोग्राफ भेजा हैं।उन्होंने फेसबुक पे शेर किया था।श्री के.वी.पटेल (कावेरी डे केर स्कूल,महेसाणा)ओर श्री गुरुजी ने मुजे यर शेर किया हुआ आसाम का दूसरा फोटो हैं।
ऐसेही देश बनता हैं।उपदेश हर कोई भेजता हैं।ऐसी जानकारी जो शेर करने में गर्व हो ऐसा भी कोई शेर नहीं करता।मेरे दो दोस्त हैं।जिन्हें नेशनल आईसीटी एवॉर्ड प्राप्य होगा।राष्ट्रपति जी उन्हें सन्मानित करेंगे।किसी ने उनके लिये लिखा कि पिछले दो सालमें गुजरात मेम किसीको अर सन्मान नहीं मिला।अरे..भाई,इसी लिए तो नेशनल एवॉर्ड हैं।अगर हर साल कोई अच्छा काम करेगा तो नेशनल एवॉर्ड मिलेगा ।मिलनाभी चाहिए।इस बार श्री राकेश पटेल nvnd.blogspot.com ओर श्री पूरण गण्डलिया को आए सन्मान मिलेगा।ऐसी जानकारी और इन साथियो के बारेमें शेर करें।आप भी कुछ नया करते हैं तो मुजे जानकारी भेजे।
आज के इस फोटोग्राफ ओर अध्यापक ओर विद्यार्थियो को वंदन।

Monday, August 14, 2017

On line Creation...

आज हमारा आजाद दिन हैं।1947 के दिन हमारा देश आजाद हुआ था।इससे पहले हम अंग्रेजो के गुलाम थे।अंग्रेजो की शिक्षा व्यवस्था को हमने पकड़ा था।पिछले कुछ सालों से हमारी शिक्षा व्यवस्थामे सुधार हो रहा हैं।
समग्र भारतमें on line ट्रेनिग गुजरातने की थी।ये ट्रेनिग iim के सहयोग से हो पाई।
आज कुछ ऐसी आजादी नव विचारकोको मिलेगी।15 अगस्त से क्रिएटिव विचारो के लिए ऑन लाईन कोर्स आजशे शुरू होगा।हनी बी नेटवर्क परिवार के साथ सृस्टि का सहयोग आए काम कर रहा हैं।डॉ. अनिल गुप्ता का सीधा मार्गदर्शन मिल रहा है।आज सुबह 11 बजे इसको आप के सामने रखा जाएगा।
ऐसी संभावना सोचना ही बड़ी बात है।इस नवतर कार्य से जुड़ी सभी संस्था ओर व्यक्तिओका आभार व्यक्त करते हुए इस काम मे जुड़े होने को मेरा सौभाग्य मानता हूं।
#sristi innovation
#Honey Bee
#Dr Gupta
#chetan

Friday, July 21, 2017

शार्प नहीं...कोई बात नहीं...

आज कल शार्प का जमाना हैं!शार्प लोग ओर शार्प सामग्री हमे ज्यादा पसंद हैं!कहते हैं कि जिस के पास शार्पनेस हैं,वो कहि भी चलेगा!हर चीज को समझने में एक उदाहरण चाहिए!में शिक्षा से जुड़ा हूँ!मुजे इसके अलावा कुछ मालूम नही की हर चीज को समजने के लिए सहज और सरल के अलावा व्यावहारिक उदाहरण चाहिए!
मेरे साथ एक प्रोजेक्ट में एक साथी थे!वो मद्रास के रहनेवाले थे!वो मुजे सदैव मार्गदर्शन देते,प्यार करते और समजाते!एक बार उन्होंने कहा'अगर आपके पास चार पेंसिल हैं,तीन की पॉइंट गीस चुके हैं!एक पेंसिल बची हैं जो शार्प हैं!आप किस से लिखना पसंद करेंगे?
मेने उन्हें शार्प पेंसिल से लिखने की बात बताई!तब जाके उन्होंने कहा'शार्प होना अच्छा हैं,मगर कुछ न करने से शार्प दिखते हैं!तो कोई मतलब नहीं हैं!
जो काम करेगा,वो ही भूल करेगा!वो गलती करे तो इसका स्वीकार करना चाहिए!
कुछ न करने के बाद गलतिया निकलना आसान हैं!क्यो की वो गलती किसी के काम में से निकालनी हैं!काम करने वाला शार्प भले न हो!सिर्फ शार्प दिखने से काम नहीं होता!
हमे हमारी पहचान बनानी हैं!नही की हमारी ऐडवटाइज़ बना के प्रचार करना!जो काम करेगा वो ही जिस हुआ दिखेगा!आज ऐसा माहौल हैं कि टीम काम करके थकती हैं!तब जाके कोई नई व्यक्ति शार्प प्रेजेन्टेशन करके सारी क्रेडिट लेता हैं!
उस वख्त कोई नहीं दिखता,एमजीआर जब कोई पाद आके देखे तो मालूम पड़ता हैं कि काम किसने किया होगा!कुछ न करके,बहोत कुछ दिखाया जा सकता हैं!कुछ करके भी कुछ नहीं दिखा पानेमें कोई शर्म नहीं हैं!जो काम आपका हैं,अंततः उसकी क्रेडिट आपको मिलेगी जरूर!भले आज आप शार्प न दिखते हो!आज जो आपके पास हैं!सदैव आपके ही पास रहेगा!

Thursday, July 13, 2017

याद रखना...

हम आज जो हैं!
आज हमारे साथ जो भी कुछ हो रहा हैं!देखिए अगर बुरा होगा तो हमारी गलती!अगर अच्छा हुआ तो हमेशा वो किसी के सहयोग से हुआ होगा!
अगर कोई ऐसा हैं जिसे हम आज सहयोग नहीं दे सकते या किसी कारण वश सहयोग नहीं कर रहे हैं!में कहूंगा कि कोई समस्या निहि हैं! जिसने आप को सिखाया हैं उसे याद करके उस काम को आगे बढ़ा सकते हैं!
कोई कहता हैं कि कोई अपना निहि हैं!मगर में कहूंगा कि क्या आप किसी के संपूर्ण होबपाये हैं!हमारे साथ सिर्फ बदनाम होने के लिए अगर कोई जुड़ा हैं तो उसका तो नाम होना ही चाहिए!हमे ऐ ,नहीं भूलना हैं कि हम मदद करेंगे तो कोई आगे आएगा!कैसे विकास होगा!कैसे विश्व शांति होगी!कैसे विश्व सत्ता बनेंगे!
अगर मुझे आम आदमी पार्टी पसंद नही हैं तो इसका मतलब ये नहीं की में मतदान करने ही न जानेकी गोशना करूँ!कोई सहयोग करता हैं तब ये नहीं सोचता के मेरी इस हेल्प की किम्मत क्या है?!यहाँ में दो शब्दों के माद्यम से मेरी बात रखूंगा!
मूल्य और किम्मत...!
देखिर,
गांधी के मूल्य हैं! गांधी विचार के मूल्य हैं! एक बेईमान अधिकारी या नेता की कोई एक किम्मत हैं!हमे किसीभी समय सहयोग करने वाला भले शार्ट वे में अपनी किम्मत तय करें!हमे उन्हें मूल्यवान मानना चाहिए!जो कोई अपने पुराने दिन देखेगा तो समाज,परिवार और मित्रोमें से कई लोग आपको आपके ऊपर निर्भर दिखेंगे!कहते हैं,माँ बाप ने कितना किया।आज लड़का उन्हें घर में नहीँ रखता!क्या ऐसे माता पिता जो वृद्धाश्रम में रहते हैं उनके बच्चजे उन्हें भूल गए!जिस ने उन्हें मदद की उसे उनकी संतान भूली!हम कहेंगे, 'देखो,पढ़े पर लिखे नहीं!'जीवन में  कभीभी सहयोग करने वाले कोई व्यक्ति को भूलेंगे तो मातपिता को छोड़ने वाले पुत्र और  हमारे में क्या फर्क होगा!जो सच्चा हैं उसे आप भूल निहि सकोंगे!

सोचिए
क्या आपको सहयोग करने वाली वो व्यक्ति न होती तो?

Wednesday, July 12, 2017

आसपास की बात


हमारे आसपास!
जिसे हम विकास कहते हैं!जिसे आधुनिक समय के उपकरण कहते हैं!वैसे उपकरण आजकल हमारी जिंदगी को बदनाम और बरबाद करते हैं!
एक समय था!
जो लोग टेलीविजन को इडियट बोक्ष कहते थे वो ही लोग या उनके जैसे आज मोबाइल और खास करके एनरोइड मोबाईल या इसके जैसे उपकरण को वो दुश्मन मानते हैं!
एक तरफ जमाने के साथ कदम मिलाने के लिए हमे टेक्नोलॉजी का उपयोग करना आवश्यक हैं!हा, टेक्नोलॉजी हमारी दुश्मन बनेगी या हमे सपोर्ट करेगी वो हम तय करने चाहिए।
होता ये हैं कि हमने जिसे सपोर्ट के लिए ख़रीदा हैं हम उसके गुलाम बन जाते हैं!मेरी एक मित्रने मुझे ऐ पोस्टर भेजा हैं!
एक किताब जो की आधुनिक उपकरण के सहाय से कबरमें जा रही हैं!कहते हैं कि अच्छे चित्र कई सारे शब्द समजता हैं!हमारी आजकी परिस्थिति में आप इसे अवश्य समजेंगे!