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Tuesday, February 25, 2020

देखें, आगे क्या होता है।





वर्षों तक वन में घूम-घूम,
बाधा-विघ्नों को चूम-चूम,
सह धूप-घाम, पानी-पत्थर,
पांडव आये कुछ और निखर।
सौभाग्य न सब दिन सोता है,
देखें, आगे क्या होता है।

मैत्री की राह बताने को,
सबको सुमार्ग पर लाने को,
दुर्योधन को समझाने को,
भीषण विध्वंस बचाने को,
भगवान् हस्तिनापुर आये,
पांडव का संदेशा लाये।

कृष्ण की चेतावनी
‘दो न्याय अगर तो आधा दो,
पर, इसमें भी यदि बाधा हो,
तो दे दो केवल पाँच ग्राम,
रक्खो अपनी धरती तमाम।
हम वहीं खुशी से खायेंगे,
परिजन पर असि न उठायेंगे!

दुर्योधन वह भी दे ना सका,
आशीष समाज की ले न सका,
उलटे, हरि को बाँधने चला,
जो था असाध्य, साधने चला।
जब नाश मनुज पर छाता है,
पहले विवेक मर जाता है।
कृष्ण की चेतावनी
हरि ने भीषण हुंकार किया,
अपना स्वरूप-विस्तार किया,
डगमग-डगमग दिग्गज डोले,
भगवान् कुपित होकर बोले-
‘जंजीर बढ़ा कर साध मुझे,
हाँ, हाँ दुर्योधन! बाँध मुझे।

यह देख, गगन मुझमें लय है,
यह देख, पवन मुझमें लय है,
मुझमें विलीन झंकार सकल,
मुझमें लय है संसार सकल।
अमरत्व फूलता है मुझमें,
संहार झूलता है मुझमें।
कृष्ण की चेतावनी
‘उदयाचल मेरा दीप्त भाल,
भूमंडल वक्षस्थल विशाल,
भुज परिधि-बन्ध को घेरे हैं,
मैनाक-मेरु पग मेरे हैं।
दिपते जो ग्रह नक्षत्र निकर,
सब हैं मेरे मुख के अन्दर।

‘दृग हों तो दृश्य अकाण्ड देख,
मुझमें सारा ब्रह्माण्ड देख,
चर-अचर जीव, जग, क्षर-अक्षर,
नश्वर मनुष्य सुरजाति अमर।
शत कोटि सूर्य, शत कोटि चन्द्र,
शत कोटि सरित, सर, सिन्धु मन्द्र।
कृष्ण की चेतावनी
‘शत कोटि विष्णु, ब्रह्मा, महेश,
शत कोटि विष्णु जलपति, धनेश,
शत कोटि रुद्र, शत कोटि काल,
शत कोटि दण्डधर लोकपाल।
जञ्जीर बढ़ाकर साध इन्हें,
हाँ-हाँ दुर्योधन! बाँध इन्हें।

‘भूलोक, अतल, पाताल देख,
गत और अनागत काल देख,
यह देख जगत का आदि-सृजन,
यह देख, महाभारत का रण,
मृतकों से पटी हुई भू है,
पहचान, इसमें कहाँ तू है।
कृष्ण की चेतावनी
‘अम्बर में कुन्तल-जाल देख,
पद के नीचे पाताल देख,
मुट्ठी में तीनों काल देख,
मेरा स्वरूप विकराल देख।
सब जन्म मुझी से पाते हैं,
फिर लौट मुझी में आते हैं।

‘जिह्वा से कढ़ती ज्वाल सघन,
साँसों में पाता जन्म पवन,
पड़ जाती मेरी दृष्टि जिधर,
हँसने लगती है सृष्टि उधर!
मैं जभी मूँदता हूँ लोचन,
छा जाता चारों ओर मरण।
कृष्ण की चेतावनी
‘बाँधने मुझे तो आया है,
जंजीर बड़ी क्या लाया है?
यदि मुझे बाँधना चाहे मन,
पहले तो बाँध अनन्त गगन।
सूने को साध न सकता है,
वह मुझे बाँध कब सकता है?

‘हित-वचन नहीं तूने माना,
मैत्री का मूल्य न पहचाना,
तो ले, मैं भी अब जाता हूँ,
अन्तिम संकल्प सुनाता हूँ।
याचना नहीं, अब रण होगा,
जीवन-जय या कि मरण होगा।
कृष्ण की चेतावनी
‘टकरायेंगे नक्षत्र-निकर,
बरसेगी भू पर वह्नि प्रखर,
फण शेषनाग का डोलेगा,
विकराल काल मुँह खोलेगा।
दुर्योधन! रण ऐसा होगा।
फिर कभी नहीं जैसा होगा।

‘भाई पर भाई टूटेंगे,
विष-बाण बूँद-से छूटेंगे,
वायस-श्रृगाल सुख लूटेंगे,
सौभाग्य मनुज के फूटेंगे।
आखिर तू भूशायी होगा,
हिंसा का पर, दायी होगा।’
कृष्ण की चेतावनी
थी सभा सन्न, सब लोग डरे,
चुप थे या थे बेहोश पड़े।
केवल दो नर ना अघाते थे,
धृतराष्ट्र-विदुर सुख पाते थे।
कर जोड़ खड़े प्रमुदित,
निर्भय, दोनों पुकारते थे ‘जय-जय’!


साभार- कविताकोश

Saturday, February 22, 2020

वनवासी लड़की IAS बनी: केरल

 केरल में एक जगह है. वायनाड. यहां से राहुल गांधी सांसद हैं. लेकिन आज हम इसकी बात किसी और वजह से कर रहे हैं. वायनाड से ही इतिहास रचने वाली एक और लड़की है. श्रीधन्या सुरेश. केरल की पहली ट्राइबल लड़की, जिसने IAS की परीक्षा क्लियर की.

श्रीधन्या ने 22 साल की उम्र में UPSC (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन) का पहला अटेम्प्ट दिया. आखिरकार तीसरे अटेम्प्ट में उनकी 410वीं रैंक आई. 2019 में. लेकिन श्रीधन्या के लिए ये इतिहास रचना आसान नहीं था.


उनके पिता मनरेगा में मजदूरी करते थे. और बाकी समय धनुष-तीर बेचा करते थे. उन्हें सरकार की तरफ से थोड़ी सी ज़मीन मिली थी घर बनवाने के लिए, लेकिन पैसों की कमी की वजह से वो उसे पूरा बनवा भी नहीं पाए. उसी घर में श्रीधन्या अपने माता-पिता, और दो भाई-बहनों के साथ रहती आ रही थीं.
पोज़ुथाना गांव के कुरिचिया जनजाति से आती हैं श्रीधन्या. पैसों की कमी के बावजूद उनके पेरेंट्स ने उनको पढ़ाया लिखाया. कोझीकोड के सेंट जोसफ कॉलेज से उन्होंने ग्रेजुएशन की. जूलॉजी में. पोस्ट ग्रेजुएशन भी वहीं से किया. उसके बाद वो केरल के अनुसूचित जनजाति विकास विभाग में क्लर्क के तौर पर काम करने लगीं. उसके बाद वायनाड के एक आदिवासी हॉस्टल में वार्डन के तौर पर काम किया. वहीं पर उनकी मुलाक़ात हुई श्रीराम समाशिव राव से. ये वायनाड के कलेक्टर थे उस समय. उन्होंने श्रीधन्या को UPSC का एग्जाम देने के लिए मोटिवेट किया.

तीसरे अटेम्प्ट में जब श्रीधन्या का सेलेक्शन इंटरव्यू के लिए हुआ, तो उनके पास दिल्ली जाने के पैसे भी नहीं थे. किसी तरह उनके दोस्तों ने मिलकर 40,000 रुपये इकठ्ठा किए. तब जाकर वो दिल्ली आ पाईं.

7स्किल को दिए इंटरव्यू में श्रीधन्या ने बताया,
मैं राज्य के सबसे पिछड़े जिले से हूं. यहां पर आदिवासी जनजाति काफी संख्या में है, लेकिन अभी तक कोई आदिवासी IAS ऑफिसर नहीं बना. वायनाड से UPSC की तैयारी करने वालों की संख्या वैसे भी कम ही है. मुझे उम्मीद है कि मेरे सेलेक्शन से और भी लोगों को मेहनत करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी.

श्रीधन्या के सेलेक्शन के बाद उनके अधबने घर में मीडिया का तांता लग गया था. उसी घर में बैठकर उन्होंने इंटरव्यू दिए, अपनी कहानी सुनाई. उनसे प्रियंका गांधी भी मिलने आई थीं. और राहुल गांधी ने भी श्रीधन्या के लिए ट्वीट कर उन्हें बधाई दी.

Wednesday, February 12, 2020

संस्कृत भाषा की मजा...





संस्कृत हमारी भाषा हैं। कहते हैं सभी भाषाओं की जननी संस्कृत हैं। वैज्ञानिकों ने शोध कर के बताया कि कॉम्प्यूटर सबसे अधिक संस्कृत को एक्सेप्ट करता हैं। इस भाषा की बहोत सारी नवली बाते हैं।उस में से एक आप के लिए।
न नोननुन्नो नुन्नोनो नाना नाना नना ननु।
नुन्नोऽनुन्नो ननुन्नेनो नानेना नन्नुनन्नुनुत्।।

 -हे नाना मुख वाले (नानानन)! वह निश्चित ही (ननु) मनुष्य नहीं है जो जो अपने से कमजोर से भी पराजित हो जाय। और वह भी मनुष्य नहीं है (ना-अना) जो अपने से कमजोर को मारे (नुन्नोनो)। जिसका नेता पराजित न हुआ हो वह हार जाने के बाद भी अपराजित है (नुन्नोऽनुन्नो)। जो पूर्णनतः पराजित को भी मार देता है (नुन्ननुन्ननुत्) वह पापरहित नहीं है (नानेना)।


एक ही वर्ण को अलग अलग लिखने से क्या चमत्कार हुआ आप ने देखा होगा। एक्सी कोई बात या सर्जन आप के पास हैं तो अवश्य हम तक पहुंचाए।

Monday, February 10, 2020

कोफ़ी पेंटिग


युग्वी केतुल सोनी। आठवी कक्षा में पढ़ती हैं। उसका शोख पेंटिंग हैं।आप जो ये पेंटिग देख रहे है वो 42 मिनिट में तैयार किया हैं। कोफ़ी पिते समय बची हुई कोफ़ी से पेंटिग किया हैं। उस के परिवार में सभी व्यक्ति किसीन किसी कला में माहिर हैं।उस के नानाजी एक अच्छे और मैजे हुए पपेटियर हैं। उन की मम्मी शिक्षा से जुडी हैं।ऐसे कलाकारों को खोजने के लिए 7स्किल फाउंडेशन कार्यरत हैं। अपनी प्रतिभा को पहेचान वाली युग्वी आज तक भोज्य सारे चित्र अलग अलग तरीकेसे बनाये हैं। अगर कोई सपोर्ट मिलाता है तो उस के चित्रों का प्रदर्शन करना चाहेंगे।अभी के लिए युग्वी को ढेर सारी शुभकामना एवं अभिनन्दन।




Monday, February 3, 2020

जेंसी का भरत नाट्यम


नृत्य निर्दर्शन:#NCOS:2020

नृत्य के कई प्रकार हैं।
एक प्रकार हैं, भरत नाट्यम।
छोटी छोटी लडकिया जब भरत नाट्यम से प्रार्थना करती हैं तब देखने वाले अचंबित हो जाते हैं।

ऐसी घटना कुछ दिनों पहले बनी। कार्यक्रम था नॅशनल कोन्फ्रन्स ओन स्किल:2020. अब नाम से ही काफी हो जाता हैं कि स्किल एवं विशेष स्किल वाले बच्चों के साथ ही ये काम होना था।
समग्र गुजरात से 12 और देश के भिन्न भिन्न विस्तारो से 9 एंट्री आई थी। कुल 21 एंट्री और एक का चयन। 21 एंट्री में कुल 49 बच्चे। आखिर में जेंसी पटेल सहित उस के दो साथी कुल मिलाकर 3 का चयन हुआ। प्रार्थना के शब्द थे ' हर तरफ...हर जगह...भगवान या ऊपर वाले को हर जगह मानती और प्रस्थापित करती ये प्रार्थना ने नॅशनल कोन्फ्रन्स ऑन स्किल:2020 के साथ 7स्किल फाउंडेशन की ये पहल को भी चार चांद लगा दिए।
जेंसी पटेल के साथ हेली दरजी और माहि पटेल का भी नॅशनल एवॉर्ड देकर सन्मान किया गया।

ऐसे छोटे बच्चे अगर आप के आसपास हैं, उन के पास कोई नया विचार हैं तो आप हम तक अवश्य पहुंचाए। इन बच्ची को 7स्किल फाउंडेशन की कोन्फ्रन्स में सन्मानित किया गया। उनके नृत्य को देखने के लिए यहां किल्क करें।

bhaveshpandya2008@gmail.com
मोबाइल: 09925044838

रंगोली


कुछ कलाकार ख़ास होते है।
कुछ कलाकारों की कला में विशेष कौशल्य उन्हें औरों ऐ अलग करते हैं।ऐसे ही एक कलाकार को मिलना हुआ।कलाकार का नाम अमित। महाराष्ट्र के सोलापुर से यहां आए थे। 7स्किल फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'नॅशनल कोन्फ्रन्स ओन स्किल:2020' में अपनी कला के प्रति विशेष कौशल्य के कारण उन्हें 7स्किल में नॅशनल एवॉर्ड से सन्मानित किया गया। अपनी सबसे बड़ी और सबसे तेज रंगोली केबलिए उन्हें ये राष्ट्रिय सन्मान देते हुए हम गर्व महसूस करते हैं। ऐसी कला को बढ़ावा देने के लिए मुझे आप को और हम सबको आगे बढ़ना चाहिए।
ऐसे और भी साथी हैं। अब आप की जिम्मेदारी हैं कि ऐसे कलाकारों को या नवाचार कटने वालो को आप हम तक पहुंचाए।
हमारा पता हैं। आप पूरी रंगोली बनती हुई देखने के लिए(रंगोलो को देखने के लिए क्लिक करें)

bhaveshpandya2008@gmail.com

Www.bhaveshpandya.org

मोबाईल: 09925044838