Monday, September 10, 2018

गणेश जी और 5 मुखी गणेश

वयार करते हैं हम तुम्हे इतना,
दो आंखे तो क्या,
दो जहां में समजाये इतना।

खूब सूरत गाना हैं।
मुजे पसंद हैं।कुछ बात श्रद्धा से जुड़ी हैं। मेरी आस्था गणेश जी हैं।उनकी करवा से आज तक मे जताता ओर बचता आया हु। मेरे कुछ काम मे उनके सीधे आशीर्वाद हैं। आज तो जो हु उनके पावन आशीर्वाद से हु। बहोत बार ऐसा हुआ कि मुजे जैसे गणेश जी ने रास्ता दिखाया। रास्ता किया। आज सुबह दर्शन करने का तय किया था। नहीं हो पाए एमजीआर श्याम को एथॉर के दर्शन किये।
मेरी श्रद्धा के प्रतीक हैं एथॉर।

शायद आप को गलत लगें...
में कई सालों से गणेश जिनको सदैव साथ रखता हूँ। मेरे किसी शुभ चिंतक ने मुजे पांच मुख वाले गणेश जी 'संकट चौथ' के दिन ग्राम भारती में दिए थे। तब से रोज ये गणेश जी मेरे साथ रखता हूँ। पहले एक गणेश यंत्र रखता था। अब मूर्ति रखता हूं। अमेरिकन पूर्वप्रमुख ओबामा हनुमानजी की मूर्ति रखते है। जब वो सत्ता में थे तब भी रखते हैं।कहिए की पहले से रखते हैं। मगर हुआ ये की रक्षा बंधन के दिन हमारे 'मातृछाया' के घर मंदिर में पूजा के साथ उस 5 मुखी गणेश जी को रखे थे। वहां से निकल ने में शायद गलती कर बैठा। ओर हुआ ये की, 5 मुखी गणेश जी आये। उनको छोड़ के जैसे मेरा जी गभर रहा था। उन के बिना जैसे बैचेनी लगती थी। मेरे थे,ओर मुजे रखने थे। महर रोज दिमाग ये सोचता कैसे मुझतक पहुंचे। नहर से चाची मा बीमार थे,मुजे याद किया गया। में वहां पहुंचा। उन्हें मिला, गणेश जी जैसे हाथ मे लिए मेने तय किया अब कोई दिक्कत नहीं हैं। अब जो होगा अच्छा होगा। शायद छ बजे होंगे और एक जगह से कॉल आया कि किराया आधा करेंगे। बस, तय हो गया कि गणेश जी ने अब मेरा सुनना शुरू किया हैं। और सब संभल ने लगा।
आज पूरा दिन उन के साथ जैसे सभी काम मे सहयोग मिला।मेरे बहोत से काम एकदम शुरू हुए,तेज हुए या आगे बढ़े। ऐसा कल रात से शुरू हो गया।मुजे संकेत मिले तो मैने पूरा दिन काम को जोडने में लगाया। सुबह से निकला तो बहोत अच्छा हुआ। मेरे निकल ने के बाद जो कुछ हुआ।अच्छा हुआ। दो दिन तीन रात जागने के बाद भी सुबह से गाड़ी चलाई। अच्छे से रुके हुए काम को जैसे मेरी फेवर में बुनता रहा ।एक तरफ जैसे सब सेटल होने के साथ बाते भी चलती रहती थी। नकन्द भी न आये काम भी निपटे। रास्ते में मोबाइल की बैटरी बन्ध। न गाड़ी का चार्जर काम करें न 10000 MAH का पावर सेवर भी खत्म हो गया था। एक दोस्त को कॉल किया। उनका नाम पंकज पटेल वो अपना पावर सेवर लेकर आये। मेरा खाली पावर सेवर लेकर आये।मेने फोन चालू किये। थोड़ी देर में काम आगे बढ़ा और आज रात तक तो जैसे सब कुछ साफ हो गया।आज काम भी बहोत किया। 15 नवम्बर को होने वाली कॉंफ़र्न्स के काम मे सारा दिन निकल गया।
जिस की उम्मीद थी। सारा दिन अच्छा और सही हुआ।क्योकी गणेश की फिर से मेरे साथ आगये थे। मेरी सरकार गणेशजी के सरोकार। बस... जैसे जैसे गणेश हुकुम देते थे,देते हैं,दिए हैं वो सब अमल हो पाए वैसा किया। मेरे कुछ डॉक्यूमेंट जो महत्वपूर्ण थे वो मेने खोजे ओर से उसके सही स्थान पर पहुंचाए।अब निश्चित हु। #थैंक्स चेतन भाई...(राजकोट)

अब...
एक नया काम भी शुरू हुआ।
जब भी हो संपर्क करे।जब भी गणेश जी को हाथ में पकड़कर पूछ लगे। जैसे हुकुम क्या होगा,हुकुम क्या होता, हुकुम कैसे करते सब मालूम पड़ने लगा। फीस से श्याम को गणेशजी ओर मेरे खास सहयोगी ड़ी. धवल राजकुम से आगे के काम को समज ने ओर फैलाने पे अच्छा काम और दिशा निर्देश हुआ।
ऐठोर गणेश जी,8.15pm9.9.18
क्यो...
शायद आज से गणेश जी का महीना हैं। शायद मेरे गणेश जी मेरे पास हैं।
ओर हा, आज एठोर भी गए। उनके शांति से दर्शन किये।मन शांत हुआ,कल से तय किया था कि ये लिखूंगा। 
कुछ बातों में मैने गणेश जी से माफी मांगी और फिरसे यहाँ तक चलने का संकल्प किया ।

@#@
गणेश गणेश गणेश।
5 मुखी गणेश मेरे गणेश।
में तो उन के सामने बांध काला हरा धागा भी नहीं कजोड़ सकता।उनके आदेश या हुकुम को कैसे न मानु....
@सभी को जय गणेश...
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