Sunday, August 5, 2018

मोदी सर ओर मेहुल:लादेन का ब्रेइन वॉश...




क्या किसी विचार की असर हमारे वर्तन में होती हैं।क्या कोई हमारा ब्रेन वॉश कर सकता हैं।क्या ब्रेन ट्रेनिग या ब्रेन हैकिंग हो सकता हैं।पढनेके शोख के कारण ओर मेरी जानकारी के लिए मुजे ऐसे विषय पर खोज करना पसंद हैं।आज तक मेने इसके बारे में बहोत पढा ओर सुना था।

कुछ महीनों पहले की बात हैं।
आज में मैंने लगा हु,छोड़िए अब मुजे यकीन हैं कि ब्रेइन वॉश हो सकता हैं।सबके लिए एक प्रचलित कहानी हैं।एक ब्राह्मण था।इसे किसी ने गाय का बच्चा दिया।कुछ चोर लुटेरे ब्राह्मण से ये गाय लेना चाहते थे।उन्हों ने एक ही बात को कई बार दोहराई।महाराज जी ये गाय का बछड़ा नहीं हैं।ये भेड के साथ आप क्या करेंगे।आप ब्राह्मण हैं,आप को ये सुंदर भेड़ का क्या काम।वो व्यक्ति ने आपसे गद्दारी की हैं।ये गाय का बछड़ा नहीं हैं।बस,उस ब्राह्मण का ब्रेन वॉश हो गया।उसने गाय के बछड़े को छोड़ दिया।वो चोर गाय के बछड़े को लेकर भाग गए।

इसे कहते हैं ब्रेन वॉश।
नरेंद्र मोदी के लिए  अगर कोई बात न सुने वैसा मेरा एक दोस्त हैं।दोस्त का नाम मेहुल सुथार।वो मोदी जी को भगवान मानता हैं।उनके खिलाफ वो एक भी शब्द नहीं सुन सकता।मोदी जो बोलते हैं उसका भविष्य कहा हैं वो मेहुल हमे उदाहरण सहित बता सकते हैं। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव में मोदीजी का वर्ताव ओर बातचीत सुनने लायक हैं।शायद आंख न मारते तो राहुल एक अच्छे नेता का परिचय दे जाते।मगर...
आंख बंद करने से चूहा बिल्ली को देख नहीं पाएगी,एमजीआर बिल्ली तो वहीं रहेगी।राहुल ने अपने आप को ऑन रेकोर्ड पप्पू कहा और आंख मारी।बस,अब मेहुल की बात आगे। में उसे चिढ़ाते समय में कहता हूं,मोदी जी ने तुम्हे गिफ्ट में अपनी पेन दी और तुम्हारा ब्रेन वॉश हो गया।वो मुजे कहेता हैं तेरा साम्यवादियों ने ब्रेन वॉश किया हैं।मेहुल एक अच्छे अध्यापक हैं। बारू स्कूल को उन्होंने आंतर राष्ट्रीय पहचान दिलाई हैं।

अब एक ओर बात...
फिर से ब्रेइन वॉश की बात चलाते हैं। लादेन की अम्मा जी पहली बार मीडिया से रूबरू हुई हैं।लादेन की अम्मा का नाम आलिया धानेम।उनकी पहली शादी से उन्हें लादेन पैदा हुआ।20 साल तक लादेन शरमाने वालो में से था।बहुत शर्मिला लादेन पढ़ने में भी अव्वल था।लादेन उसकी माँ धानेम को बहोत प्यार करता था।लादेन सऊदी अरेबियन यूनिवर्सिटी का विद्यार्थी था।वो इकोनॉमिक्स का विद्यार्थी था,बहोत प्रतिभावन्त विद्यार्थी के रूप में उसे देखा जाता था।वो यूनिवर्सिटी में कुछ लोगो से संपर्क में आया,यहां से बात बदली।यहाँ से एक तेजस्वी विद्यार्थी खूंखार आतंकी हो गया।1999 के दौरान धानेम लादेन से मिली थी।वो लादेन को मिलने सामने से गई थी,इस बातको मानते हुए उन्होंने कहा 'मुजे मालूम हैं कि लादेन एक अच्छा व्यक्ति था,उसका ब्रेइन वॉश किया गया था।
ऐसा होता हैं।
जब मा ओर बाप अपने बच्चों के प्यार में आते हैं।मगर जैसे ब्रेइन को पॉजिटिव रास्ता दिखाने के लिए पॉजिटिव सोच रखनी जरूरी हैं,वैसे ही अगर तय हैं कि ब्रेइन वॉश हुआ हैं तो उसका भी उपचार जरूरी हैं।
मनोचिकित्सक शायद ब्रेइन वॉश करते हैं।जिनका रास्ता भटक चुका हैं,जिन्हें रास्ता दिखता नहीं हैं उन्हें मनोचिकित्सक सहयोग करते हैं।सभी पेरेंटस को 'ध समर हिल' पढ़नी चाहिए।ये किताब हकरात्मक ओर हकरात्मक तरीको से किसी ओर के या अपने ब्रेइन को स्ट्रांग करने में सहयोग करेंगी।मेरे दोस्त और सहकर्मी मेहुल दुड़किया। बहोत सरल व्यक्ति। वो गुस्सा भी करते हैं तो प्यार जताते हैं।उन्होंने मुजे ये किताब दी है।
संभावना अपार हैं,
बस, तू ही आधार हैं।
कुछ तो होगा तेरा जमाने में कभी,
अभी तो जान हैं तो होंसला कम न होगा कभी।

साफ दिल से सोचना हैं।
हर वख्त हमारी समस्या ही सबसे बड़ी नहीं होती।एक गाना हैं, जो शायद आपने सुना होगा।

दुनिया में कितना गम है,
मेरा गम कितना कम हैं।
ओरो का गम देखा तो,
में अपना गम भूल गया।

बस

मन चंगा तो कथरोट में गंगा।
जो हैं उसे देखो,
जो होगा उसे देख लेंगे।
आज हमारा नहीं तो क्या हुआ कल सिर्फ हमारा होगा।

@#@
शुभमस्तु...
गब्बर इज़ बेक...
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दो बहनें