Saturday, March 3, 2018

मेरा इक्का


हमे अपनी ओर से जो अच्छा हो सके वैसा करना हैं।हम कभी कभी भूल जाते हैं कि हमे क्या करना हैं।हमारे आसपास कुछ लोग अपनी बात को अच्छे से समजा नहीं पाते हैं।
कुछ लोग कमसे कम शब्दमें अपनी बात रखते हैं,मुजे ऐसे लोग पसंद हैं।कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो हमारे लिए कुछ भी करते हैं तो हमे वो पसंद आता हैं।कहते हैं कि किसी का प्यार भिनपसन्द नहीं,ओर किसी की डांट भी प्यारी लगती हैं।मेरी एक दोस्त हैं।हमने साथ में काम किये हैं और आज भी कर रहे हैं।कुछ भी बात हो,हम जब तकरार करते हैं तब तक ठीक हैं।कभी कभी वो समजा नहीं पाती हैं तो अपने हाथ जोड़ती हैं।कहिए के जब में कुछ समझता नहीं हूं तब भी वो हाथ जोड़ती हैं।में उन्हें हाथ जोड़ने से मना करता हूँ।में कहता हूं कि आप हाथ जोड़ते हो तो मुजे शर्म आती हैं।यहाँ मेरे किए हुकुम का इक्का हैं कि में बात मानलू।सही गलत का कोई सवाल नही,इसे फिरसे देख सकते हैं,इसे फिरसे सुधार सकते हैं।मगर अभी तो इस बात को मानना ही सही फैंसला हैं।

मेरे एक दूसरे दोस्त हैं।
वो महाराष्ट्रमें रहते हैं।शिक्षकों के ओर बच्चो के लिए वो महक से जुड़े हैं।'महाराष्ट्र हनी बी क्लब' याने महक।उनका जब भी फोन आता हैं,अगर कमसे कम 20 मिनिट का समय नहीं हैं तो में उनका फोन रिसिब नहीं करता हूँ।मेरे लिए मेरी ओरसे सबसे अच्छा ये हैं कि अगर 20 मिनिट का समय हो तो ही बात करूँ।

मेरे साथ बहोत सारे लोग जुड़े हैं।मेने बहोतो से सीखा हैं।में रोज नया काम हाथ में लेता हूँ और उसे पूरा करना चाहता हूं।इस काम में कई सारे लोग अपने नजरिये से देखते हैं।मुजे किसी के नजरिये की फिक्र नहीं हैं।मुजे किसी से कोई शिकवा नहीं हैं।मुजे बस मेरी मस्ती में मस्त रहने दो।आपके पास पत्ते हैं।हो सकता हैं,आप के पास दो इक्के हो।मेरे पास एक तो हो ही सकता हैं।मुजे मेरे देश पे भरोसा ही नहीं गौरव भी हैं।में भारत का नागरिक हूँ।सभी भारतीयों में में भी शामिल हुन,ओर मुजे सभी अधिकार प्राप्त हैं।यही हमारा पत्ते का इक्का हैं।



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कुछ लोग कुछ नहीं कहते इसका मतकब ये नहीं हैं कि वो बोलनहीँ सकते हैं।
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