Saturday, February 3, 2018

दोस्तो की सरकार


दोस्त मेरा आईना।
जब हम खुश हो,सामने दोस्त भी खुश हो।अगर में दुखी हूं तो दोस्त भी दुःखी हो।वैसा दोस्त कोंन हैं।
चार्ली चैप्लिन मानते थे कि आईना मेरा दोस्त हैं।क्यो की जब में रोता हु तो वो हंसता नहीं हैं।कुछ लोग कभी कभी ऐसे निर्णय लेते हैं जो कि उनके लिए महत्व पूर्ण हैं।उस वख्त वो ये नहीं सोचते कि सामने वाले को क्या हुआ होगा।जब आप गलत सवाल करते हैं तो आप को कोई भी कितने दिनों तक सही जवाब दे पाएगा?अगर सही तरीके से जीना हैं तो सवाल ओर जवाब दोनों सही और आवश्यक होने चाहिए।कभी कभी गलत सवाल सही जिंदगी को हमसे छीन लेता हैं।
दोस्त ऐसे होते हैं कि जो बिना कहे बात समझ ले।कुछ दिन पहले मेरे एक दोस्त ने मुजे कोल किया।वो तलाक ले चुके थे।उनका तलाक ऐसा था कि हम 5 साल तक अलग रहेंगे।बाद में?मैने पूछा।मेरे पूछते ही उन्हों ने बताया तब तक आदत हो जाएगी या माफी मांग लेंगे।मेने कहा,मगर क्या आप साथ नहीं रह सकते?दोस्त गंभीर हो के बोला पिछले कई समय से में प्रयत्न करता था मगर वो समझ नहीं पाए।

कुछ ऐसा भी आपने सुना होगा कि पति पत्नी बनके न जीने वाले अच्छे दोस्त बनके जीना सीख लेते हैं।दोस्त बने रहने के बाद आप ने जो ख्याल रखा वो ही अगर पति पत्नी के समय में समज लेते तो आज ये नोबत न आती।

एक पतिका जिम्मा हैं कि घर की जिम्मेदारी निभाए।सिर्फ बच्चे पैदा करना ही पति का काम नहीं।अब तो टेस्ट ट्यूब बेबी से भी बच्चे पैदा होते हैं।पति होना सिर्फ डिजिग्नेशन नहीं हैं।एक कर्म हैं।आप की बीबी आपको कुछ पूछ रही हैं और आप जवाब नहीं देते।क्या मतलब हैं।जवाब नहीं हैं या देना नहीं चाहते। आप जब जवाब देने से भी दूर हैं तो आप जीवन में रहके क्या करेंगे।

आज हैं उसे देखे।कल जो होगा उसे देख लेंगे।

आज आप ने जो तय किया हैं।उसे निभाओ।पति और पत्नी दोनों एक दूसरे के दोस्त हैं।मेरे एक दोस्त।वो अमेरिका हैं।उन्होंने 25 जनवरी को एक जिम्मेदारी निभाने का फैंसला लिया।फैंसला ये की उन्होंने जो भगवान के साक्षी में तय किया उसे निभाएंगे।मेने कहा आपने तय क्या किया,भगवान के सामने।उन्हों ने बोला मेरे आगे भगवान थे।मेरे पीछे आईना।दोनों कभी जुठ नहीं बताते।उनके सामने मेने तय किया हैं कि में भगवान के सामने बोली चीज को निभाउंगा।मेने कहा तय क्या किया?वो बोले 'मेरे दोस्त को मालूम हैं!मेरा दोस्त मेरी सरकार हैं।कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जो घर के मंदिर और ड्रेसिंग टेबल के आईने के बीचमें बैठके अपने बाजू वाले दोस्त को भगवान,माताजी या आईने से भी अधिक सच्चा मानके उस दोस्त को अपनी बात बताते हैं।ये फ्रेंड से जो मेरी  बात हुई,मेने यहां लिखी।मेरे दोस्त का नाम में यहाँ बता नही सकता मगर आशा हैं।भगवान गणेश जी इस पवित्र निर्णय में  सहयोग करें।

#दोस्तो की सरकार

सरकुम:
आप इतना यकीन करें के, अगर व्यक्ति समय पसार करता रहता हैं तो वो समय तभी देगा जब उसे कुछ प्राप्त होगा। अगर कोई किसी भी लाभ के बगैर साथ हैं तो समजीए की आप उनके लिए महत्वपूर्ण हैं।
25.01

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