Sunday, October 15, 2017

9 रत्न सप्तरंग:2017


आज 15 एक्टोबर।सप्तरंगी फाउंडेशन पिछले आठ सालों से बच्चो के विचार एकत्र करने का काम कर रहे हैं।पहले साल हमने 1 बच्चे को खोजा हैं।पिछले साल हमने आठ बच्चो को पसंद किया था।पूरे साल की प्रक्रिया के बाद हम तक पहुंचने वाले विचारो से इस बार हम 9 बच्चो को पसंद कर रहे हैं।इन बच्चों को सप्तरंगी फाउंडेशन द्वारा आयोजित किये जाने वाली कॉन्फ्रेंस में निमंत्रित किया जाएगा।

इन 9 बच्चों के विचार के आधार पर उसका प्रोटोटाइप बनाया जाएगा।प्रोटोटाइप बनाने के बाद इस नवाचार को हम सृष्टि के माध्यम से नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन को भेजेंगे।

आप को ये जान के खुशी होगी कि इस बार हमें गुजरात,राजस्थान,महाराष्ट्र और हरियाणा से विचार प्राप्त हुए हैं।स्काय फाउंडेशन नेपाल से शिवा तवांग भी हमे 12 बच्चो के विचार भेज चुके हैं।हमारे इस साल के 9 बच्चोमे नेपाल के दो बच्चे हैं जिन्होंने हमे पहाड़ो में जीवन जीने वाले लोगो के लिए नए विचार भेजे हैं।बांग्लादेश के महमद यूनुस इस बार हमसे जुड़ हैं।उन्होंने आज 15 अक्टूबर को 30 बच्चो के साथ क्रिएटीविटी वर्कशॉप का आयोजन किया हैं।उनके विचार हमे दिवाली तक मील जाएंगे।

पूरे सालमें हमे 974 से अधिक on line नवाचार भेजने वाले बच्चो के नवाचार अच्छे हैं।उनके ऊपर भी हम काम करेंगे।मगर आज अब्दुल कलाम जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्यमें आज हमारे 9 रत्न के लिए इस बार काम देखा जाएगा।

हमारे इन 9 विचार रत्नों में इस बार कुल 12 बच्चे हैं।
नेपाल से सोना कोइराला ओर मानसी राणा ने संयुक्त रूपमें एक विचार भेजा हैं।इस के उपरांत गांधीनगर के दहेगाम से शिल्पा पटेल भी पहली बार जुड़ी हैं।पहली बार पसंद हुई  हैं।कुछ बच्चे ऐसे हैं जो हमसे जुड़े हैं और इस बार उनके नवाचार पसंद किये गए हैं।जिसमें निर्जर दवे(पालनपुर,जिन्हें पिछली साल राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका हैं।)निष्क भट्टने किचन में काम करने की नई डिजाइन के लिए पसंद हुए हैं।इसके अलावा और भी विचार निष्क ने भेजे हैं। निष्क महेसाणा से हैं।जिनका विचार पिछले साल नेशनल लेवल में पसंद हो चुका हैं।कावेरी डे केअर स्कूल की अवनी पटेल अपने दफ्तर वाले विचार के साथ दूसरी बार पसंद हुई हैं।चैतन्य जानी इस बार प्रोटोटाइप के साथ अपने नवाचार भेजने में सफल हुए हैं।कच्छ के मयूरसिंह सोढा इस बार अपने परिकर की डिजाइन के प्रोटोटाइप ओर दूसरे नवाचार के लिए पसंद हुए हैं।चार्मी भट्ट ने अखरोट तोड़ने की मशीन का प्रोटोटाइप भेजा हैं।
महाराष्ट्र के सोलापुर से सिध्धराम मशाले ओर बाला साहेब वाघ ने सीर फाउंडेशन के माध्यम से दो बच्चों को पसंद किया था।महाराष्ट्र से 700 से अधिक विचार में से अभी प्रारंभिक 2 बच्चो के विचार हमने पसंद किए हैं।रिषीपाल जी ने हरियाणा में पहले से आयोजन करके क्रिएटीविटी वर्कशॉप के माध्यम से बच्चो को पसंद करने का काम कर लिया था।उत्तराखंड की सोनिया जी अभी अपने विचारों को देख रही हैं।कुछ दिनोंमें हम उत्तराखंड के 9 बच्चो के नाम गोशित करेंगे।इस बार हम चाहते थे कि हमारे क्रिएटीविटी वर्कशॉप 9 स्टेट में हो,मगर वो संख्या 6 तक रुकी हैं।अगले साल 10 वा साल हैं।हम अगले साल 10 स्टेट तक पहुंचने का प्रयत्न करेंगे।हम इस साल के विचार भेजने वाले 12 बच्चो की विशेष जानकारी के साथ मिलते रहेंगे।
#Bnoवेशन
#7रंगी

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