Tuesday, July 25, 2017

Indipendent prisedent of india



Our new presidents were fixed! Kovind ji is now our President! NDA's candidates have won! From now on, they will be our 14 presidents! Before this, I wrote about the presidential election! All the presidents till today Or party was connected to the party! Like Kovind was associated with NDA! After becoming President or Vice President, a person can not become a member of any political party!

Today, I will talk about such a President who was an independent candidate who had won the first time as an independent candidate in the history of India! Yes, that was the rule of Indira Gandhi that the party candidate lost and Indira ji won her Independent candidate! Since then, Indira has become India! Like today, Modi is India!

He was involved in the independence movement of Ireland. He used to study there that way!

V.V.Giri came to India! His country was a slave! The British was the Shashan! The rail service was new! Here the staff of the employee and others who exploited him!

He was the first Labor Minister of independent India! He was the governor of Kerala and Karnataka! Before becoming President, he had worked as Vice President from 1967. Only one Independent elected in the history of India elected President V.V. Giri's name was Varhagiri Venkata Giri, born on the day of 1894, Jogiyah was born in Pantul's house! His father V.V.Jogiyah was a famous lawyer of Odissi!

Right now, the new President has come in! I wish him all the best from the whole of India!

No problem....you are not sharp...

Today is the time of Sharp tomorrow! Sharp people and Sharp stuff we like most! They say that whoever has sharpness, he will do anything too! Everybody needs an example in understanding! Everything is related to education! It does not seem necessary to understand everything, except for simple and simple practical examples!

There was a companion in a project with me! They were the people of Madras! They always guide, love and understand! Once they said, 'If you have four pencils, you have missed the point of three! There is a pencil left Sharp! Who would you like to write?

I told them to write a sharp pencil! Then he said, 'It is good to be look sharp, but if you do not do anything, Sharp looks! Then there is no point!

Whatever works, he will forget it! If he makes a mistake then he should accept it!

After doing nothing, it is easy to get rid of mistake! Why do you want to remove that mistake from someone else's work! Sharp can not work! Not only does Sharp look do not work!

We have to make our identities! No, we advertise our advertise! Whatever work will be done, the same thing will happen! Today there is such an environment that the team is tired of working! Then a new person takes all credit by making a Sharp presentation!

No one looks like that, MGR, when you see a foot coming, then you know who will have done the job! By doing nothing, nothing can be shown anything! There is no shame in showing nothing at all! Whatever work is yours, Eventually you will get his credit! Surely you do not see Sharpe today! Today you have it! You will always be with yourself!
अनुवादक:मित्तल मसारिया(मोडासा)

आप का साथ...

नए अस्पताल का उद्घाटन था!उस निमंत्रण में जो लिखा था,उसके ऊपर में लिख रहा हूँ!एक कदम आगे!ओर सहयोग के बारेमें लिखा था!जो आप बाजू में देख सकते हैं!
नया कदम आपके सहयोग और दुआ के बिना संम्भव नहीं हैं!कई लोग जब हमारे साथ होते हैं,तब जाके हम उनसे ऐसा सुनते हैं!हमने भी कई लोगो को कहा होगा, में तुम्हारे साथ हूँ!ऐसा बोलना ओर उसके ऊपर अमल करना एक बात हैं!ऐसा बोलके उसे निभाना दूसरी बात हैं!
इस बात को बोलके निभाना  मुश्किल तब होता हैं जब बात सिर्फ बोली गई हो!मेने कई ऐसे लोगो को देखा हैं वो हर पल,हर स्थिति,हर हाल में हमे सहयोग करते हैं!मेरे जीवनमें ऐसे कई सारे लोग हैं,जिन्होंने मुजे किसीभी हालमें मुजे नहीं छोड़ा हैं।किसीने पैदा किया,किसीने समजाया,किसीने सिखाया ओर किसीने मुजे निभाया ओर संवारा!
जो आज मेरे साथ हैं!सदैव मेरे रहे हैं!हर हालमें, हर सवाल में!गलती कोन नहीं करता?जो गलती को माफ करदे वो ही जिंदगी हैं!कई लोगो के बगैर जैसे हम नहीं हैं,वैसे ही कई सारे लोग भी हमारे बगैर न हो ऐसा कर्म करें!अगर नहीं करपाये तो सहयोग न करें।हा, उसे परेशान न करे,उसके कार्यमें आपत्ति न बने!
आप हैं तो में हूँ!
आप के सहयोग से ज्यादा हूँ!
आप के सहयोग से जल्द रखूंगा!
#Dr Bn

Monday, July 24, 2017

राष्ट्रपति चुनाव की खट्टी मिठ्ठी...

आज हमारे राष्ट्रको नए राष्ट्रपति मील हैं!इस से पहले राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया के बारे में यहाँ जानकारी दी गई थी!आज हम बात करेंगे रामनाथ कोविंद जी के चुनाव के बारेमें!
आपको ये जानना जरूरी हैं कि राष्ट्रपति चुनाव में पहेली पसंद ओर दूसरी पसंद ऐसे दो मत देने होते हैं!इसे इलेक्ट्रोल वोट कहते हैं!
आज की परिस्थितिमे उसे समजे!बंधारण में लिखा हैं कि राष्ट्रपति के चुनावमें कुल इलोक्ट्रोल वोट को आधा करके उसमें एक जोड़ने से जो मतसंख्या होती है,कमसे कम उतने या अधिक मतप्राप्त करने होंगे!अगर सारे देश के 1000 इलोक्ट्रेल वोट हैं तो कमसे कम 501 मत जो प्राप्त करेगा वो जीतेगा!अगर पहली पसंद में किसी दो उमेदवार को समान मत मिलते हैं तो दूसरी पसंद के वोट की गिनती करनी होती हैं!आज तक के भारतमे ऐसा कभी नहीं हुआ कि दूसरी पसंदगी से राष्ट्रपति को विजेता गोशीत किया गया हो!
वैसे तो ये 14 व राष्ट्रपतिका चुनाव हैं!शुरू में ऐसा हुआ कि जो उपराष्ट्रपति थे वोही उसके बाद पांच साल के लिए राष्ट्रपति बनते थे!
आज तक सर्वसामान्य उमेदवार,या ज्यादा से ज्यादा दो उम्मीदवार राष्ट्रपतिका चुनाव लड़े हैं!कभी भारत में दो से अधिक उमीदवार राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार नहीं हुए हैं!
आज से पहले 13 चुनाव जो हो चुके उसमें कोंन उमीदवार विजयी होगा वो तय हो जाता हैं!क्योंकि देश की सारी विधानसभा ओर संसद के दोनों गृह से सदस्य वोटिंग करते हैं!राज्यो की जन संख्या के आधार से प्रत्येक राज्य के विधानसभा के सदस्यों के वोट का मूल्य तय होता हैं!1971 कि जनसंख्या के आधार पर इसे तय किया गया हैं!अब को से राज्यमें कोनसा दल शाशक हैं और किस के कितने धारासभा में सदस्य हैं!बस,किसे कितने मत प्राप्त होंगे वो तय हो जाता हैं!
श्रीमती इंदिरा गांधी ने एक बार संस्था कोंग्रेस के सर्वसहमत उमेदवार के सामने अपना व्यक्तिगत उमीदवार खड़ा किया और विजेता बनाया था!उस वख्त ही एक बार ऐसा हुआ कि अधिकृत उमेदवार नही जीते!आप कहेंगे ऐसा कैसे हो सकता हैं! तो में कहूंगा,हमारे बंधारण में राष्ट्रपति चुनाव के लिए व्हिप नही दिया जा सकता!ऐसी विशेष सूचना लिखी गई हैं!पोलिटिकल पार्टी में व्हिप एक ऐसा हथियार हैं जो उसे नही मानता उसे पार्टी का विरोध कहा जाता हैं!लोकशाही में हम जिसे पसंद करे उसे ही मत देते हैं!अगर पार्टी व्हिप देगी तो अपनी नहीं पार्टी की पसंद चलेगी!
कई बार ऐसा भी देखा गया कि सरकार में सहयोगी पार्टी राष्ट्रपति 0द के लिए भिन्न भिन्न उमेदवार को वोटिंग करती हैं!बिहार के मुख्यमंत्री और लालु यादव दोनो JDU ओर राष्ट्रीय जनता दल की संयुक्त सरकार चलाते हैं!JDU ने कोविंद जी को ओर लालु की पार्टीने मीरां कुमार को वोटिंग किया हैं!
प्रतिभा पाटील राष्ट्रपति पद की UPA की उमीदवार थी!शिवसेना NDA का हिस्सा थी!मगर उन्होंने प्रतिभा पाटिल महाराष्ट्र की थी तो उन्हें समर्थन दिया था!
आप ने शायद देखा या सुना होगा कि मीरां कुमार ने उमीदवार बनने के तीसरे दिन कहा था कि मेरे पास जितने की संख्या नहीं हैं तो इसका मतलब ये तो नहीं कि में चुनाव में खड़ी न रहूँ!वो खड़ी भी रही,कोविंद जी राष्ट्रपति बन गए!
आशा हैं अब वो NDA के दलित न बनके हमारे 14 वे राष्ट्रपति बनके कलाम सर जैसी नामना प्राप्त करें!

Sunday, July 23, 2017

Tv & mobil...


आप कार्टून देखते होंगे!आज से 13 साल पहले की बात हैं!दूरदर्शन को छोड़ के प्राइवेट चेनल नई नई आई थी!स्टार प्लस पे सांस बहु की बाते चलती हैं!महिलाएं खास कर इन सीरियल्स में इतनी मस्त ओर व्यस्त होती हैं कि वो दूसरी ओर देखते नहीं हैं!आज के समय मे टी.वी.  के साथ मोबाइल,टेबलेट ओर एनरोइड भी ऐसे उपकरण हैं कि व्यक्ति इतना व्यस्त हो जाता हैं!पूछो मत!इस कार्टून में महिला दिखाई गई हैं!कार्टूनिस्ट के लिए वो सिर्फ केरेक्टर हैं!पुरुष भी आज कल एनरॉइड में व्यस्त होते हैं!पूछो मत!मगर आज इस कार्टून बहोत कुछ कहा हैं!में जूठ नहीं कहूंगा!आप समझदार हैं!

Friday, July 21, 2017

शार्प नहीं...कोई बात नहीं...

आज कल शार्प का जमाना हैं!शार्प लोग ओर शार्प सामग्री हमे ज्यादा पसंद हैं!कहते हैं कि जिस के पास शार्पनेस हैं,वो कहि भी चलेगा!हर चीज को समझने में एक उदाहरण चाहिए!में शिक्षा से जुड़ा हूँ!मुजे इसके अलावा कुछ मालूम नही की हर चीज को समजने के लिए सहज और सरल के अलावा व्यावहारिक उदाहरण चाहिए!
मेरे साथ एक प्रोजेक्ट में एक साथी थे!वो मद्रास के रहनेवाले थे!वो मुजे सदैव मार्गदर्शन देते,प्यार करते और समजाते!एक बार उन्होंने कहा'अगर आपके पास चार पेंसिल हैं,तीन की पॉइंट गीस चुके हैं!एक पेंसिल बची हैं जो शार्प हैं!आप किस से लिखना पसंद करेंगे?
मेने उन्हें शार्प पेंसिल से लिखने की बात बताई!तब जाके उन्होंने कहा'शार्प होना अच्छा हैं,मगर कुछ न करने से शार्प दिखते हैं!तो कोई मतलब नहीं हैं!
जो काम करेगा,वो ही भूल करेगा!वो गलती करे तो इसका स्वीकार करना चाहिए!
कुछ न करने के बाद गलतिया निकलना आसान हैं!क्यो की वो गलती किसी के काम में से निकालनी हैं!काम करने वाला शार्प भले न हो!सिर्फ शार्प दिखने से काम नहीं होता!
हमे हमारी पहचान बनानी हैं!नही की हमारी ऐडवटाइज़ बना के प्रचार करना!जो काम करेगा वो ही जिस हुआ दिखेगा!आज ऐसा माहौल हैं कि टीम काम करके थकती हैं!तब जाके कोई नई व्यक्ति शार्प प्रेजेन्टेशन करके सारी क्रेडिट लेता हैं!
उस वख्त कोई नहीं दिखता,एमजीआर जब कोई पाद आके देखे तो मालूम पड़ता हैं कि काम किसने किया होगा!कुछ न करके,बहोत कुछ दिखाया जा सकता हैं!कुछ करके भी कुछ नहीं दिखा पानेमें कोई शर्म नहीं हैं!जो काम आपका हैं,अंततः उसकी क्रेडिट आपको मिलेगी जरूर!भले आज आप शार्प न दिखते हो!आज जो आपके पास हैं!सदैव आपके ही पास रहेगा!

Thursday, July 20, 2017

निर्दलीय राष्ट्रपति

कल हमारे नए राष्ट्रपति तय हो गए!कोविंद जी अब हमारे राष्ट्रपति हैं!NDA के उम्मीदवार जीत गए हैं!आज से वो हमारे 14 राष्ट्रपति होंगे!इस से पहले राष्ट्रपति के चुनाव के बारेमें मेने लिखा था!आज तक के सभी राष्ट्रपति किसी पोलोटिकल पार्टी या पार्टी समूह से जुड़े थे!जैसे कोविंद जी NDA से जुड़े थे!राष्ट्रपति या उप राष्ट्रपति बनने के बाद व्यक्ति किसी राजकीय पार्टीका सदस्य नहीं बन सकता हैं!
आज में ऐसे राष्ट्रपति के बारे में कहूंगा जो निर्दलीय उमीदवार थे!जिन्होंने भारत के इतिहासमें पहलीबार निर्दलीय उमेदवार बनके जीत हांसिल की थी!हा, जी वो इंदिरा गांधी की राजकीय चल थी कि पार्टी का उमेदवार हारा ओर इंदिरा जी ने अपना निर्दलीय उमेदवार जिताया!तब से इंदिरा याने इंडिया बन गया!जैसे आज मोदी यानी भारत हैं!
वो आयरलेण्ड के स्वतंत्रता आंदोलन में जुड़े थे।उस वख्त वो वहां पढाई करते थे!
वी.वी.गिरि भारत आये!अपना देश गुलाम था!अंग्रेजो का शाशन था!रेल सेवा नई थी!यहाँ कर्मचारी ओर अन्यका शोषण करने वाले अंग्रेजो से वो भिड़े!
स्वतंत्र भारत के वो पहले श्रम मंत्री थे!केरल ओर कर्नाटक में वो  गवर्नर थे!राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने 1967 से उपराष्ट्रपति के तौर पे काम किया था!भारत के इतिहासमें एक मात्र निर्दलीय चुनेगये राष्ट्रपति वी.वी. गिरी का नाम वरहगिरी वेंकट गिरी था!1894 के दिन जोगियाह पंतुल के घर पैदा हुए!उनके पिताजी वी.वी.जोगियाह पंतुल ओडिसा के ख्यातनाम वकील थे!
अभी तो नए राष्ट्रपति आये हैं!में उन्हें समग्र भारत वर्ष की ओर से शुभकामना देता हूं!

Wednesday, July 19, 2017

महीनों की महेनत...पलको में...

हमारे देशमें आज भी कई लोग भूखा सोने हैं!दुख के साथ कहे तो अपने देशमें दो रुपयोंमें इडली बेचने वाली सरकार लोकप्रिय बन जाती हैं!
आज भी सरकार BPL कार्ड वाले को पशु भी न खाए ऐसा अनाज देके अपनी जिम्मेदारी निभनेका प्रचार करती हैं!यहाँ केंद्र सरकार,राज्य सरकार या किसी प्रदेशकी बात नही हैं!यह पूरे देशकी कहानी हैं!सवाल ये नहीं कि सरकार क्या देगी!व्यक्ति पैदा हुआ हैं तो कुछ न कुछ खानेको मिलेगा ही!
औ में बात कर रहा हूँ!थाली में जुठा छोड़ने का निर्णय हम दो सेकंड में करते हैं!उस अन्न को पकने में कितने दिन ओर श्रम लगा होगा!विश्वमें एक चावल ऐसा हैं जिसके उत्पादन में हम अभी कुछ ज्यादा नही कर पाए!विश्वमें सभी देशों में चावल की खेती होती हैं!हम एक निवाला छोडेंगे!वो चावल का एक निवाला तैयार होनेमें 130 से अधिक दिन लेता हैं!कितने लोग ओर आयोजन पूर्वक श्रम तब जाके हमारे हाथमें एक निवाला आता हैं!

ये पोस्टर मेरे मित्र और सहयोगी डॉ.मनोज अमीन ने भेजा था!कहते हैं कि किसी एक चित्रको देखने के बाद अगर समजाना न पड़े तो वो काफी हैं!व्यावसायिक तबीब डॉ. अमीन कई सारी संस्थाओ से जुड़े हैं!

क्या आपने निवाले को छोड़ने से पहले ऐसा कभी सोचा हैं!अगर हाँ,तो छोड़ो!आप सचमे अच्छे हैं!अगर आज से पहले आपने ऐसा कभी नही सोचा तो छोड़ो'आज आप के पास एक तक हैं!'गलती सुधार लो!
जय हिंद

#thanks@मनोज अमीन

Our Happiness

Many times this happens.We are not satisfied with our lives! There are many people in the world who want to live like you! A farmer's child sees the plane flying in the sky and sees the dream of sitting or blowing in it! The same driver, Seeing the village, she misses the house! This is the truth! This is life!

If the man was happy with the peso, then the rich people dance in the road! Often such poor and middle class performs only! If there is anything from the power, then why should the security of the security of the ruling party? Those who live by the truth are happy! If beauty and fame Only the life of Satisfaction, then the film stars should have a successful married life!

There is a little story!

There was a young man! There was a train in the train! He was unemployed! When he saw that his maiden was sitting on his feet, there were expensive shoes in his feet! Youth was unhappy! He has come to you, he is cursing you! Your poverty! When the station came, On the right side, the monsieur began to descend! When young  saw it, he did not have a foot!

Why are we cursing ourselves! Those who are not ours, they were not ours! If it happened yesterday, then what happened! If not, what will happen! We have to move on to our book! You are not sad to think such a thing! Do not get any support! Only one place gets co-operation, that is your favorite person! Whatever you are yourself! You can not be someone from your side! Why do you see the life of others, let's make your way!
ट्रांसलेशन:मित्तल मुसारिया(मोडासा)

Tuesday, July 18, 2017

Roll no. 56


A few years ago, the film had come in! Nana Patekar acted! It was a unique movie!

The name of that movie was, Ab 56. Today the name of the film that is going to be talked about is 'Role number 56', the film is for children who leave studies!

There are many lakhs of children who leave studies! These are the studies that are discarded!

It was selected at many international film festivals! Many of these honors have been received by the film and its character! There are no established artists! Even then this story will keep us!
You are requested to ...
Whose children read!
That is directly related to education or in any way!
Please ... you see a movie!

ट्रांसलेशन:मित्तल मुसारिया(मोडासा)