Sunday, July 23, 2017

Tv & mobil...


आप कार्टून देखते होंगे!आज से 13 साल पहले की बात हैं!दूरदर्शन को छोड़ के प्राइवेट चेनल नई नई आई थी!स्टार प्लस पे सांस बहु की बाते चलती हैं!महिलाएं खास कर इन सीरियल्स में इतनी मस्त ओर व्यस्त होती हैं कि वो दूसरी ओर देखते नहीं हैं!आज के समय मे टी.वी.  के साथ मोबाइल,टेबलेट ओर एनरोइड भी ऐसे उपकरण हैं कि व्यक्ति इतना व्यस्त हो जाता हैं!पूछो मत!इस कार्टून में महिला दिखाई गई हैं!कार्टूनिस्ट के लिए वो सिर्फ केरेक्टर हैं!पुरुष भी आज कल एनरॉइड में व्यस्त होते हैं!पूछो मत!मगर आज इस कार्टून बहोत कुछ कहा हैं!में जुड़ नहीं कहूंगा!आप समझदार हैं!

Friday, July 21, 2017

शार्प नहीं...कोई बात नहीं...

आज कल शार्प का जमाना हैं!शार्प लोग ओर शार्प सामग्री हमे ज्यादा पसंद हैं!कहते हैं कि जिस के पास शार्पनेस हैं,वो कहि भी चलेगा!हर चीज को समझने में एक उदाहरण चाहिए!में शिक्षा से जुड़ा हूँ!मुजे इसके अलावा कुछ मालूम नही की हर चीज को समजने के लिए सहज और सरल के अलावा व्यावहारिक उदाहरण चाहिए!
मेरे साथ एक प्रोजेक्ट में एक साथी थे!वो मद्रास के रहनेवाले थे!वो मुजे सदैव मार्गदर्शन देते,प्यार करते और समजाते!एक बार उन्होंने कहा'अगर आपके पास चार पेंसिल हैं,तीन की पॉइंट गीस चुके हैं!एक पेंसिल बची हैं जो शार्प हैं!आप किस से लिखना पसंद करेंगे?
मेने उन्हें शार्प पेंसिल से लिखने की बात बताई!तब जाके उन्होंने कहा'शार्प होना अच्छा हैं,मगर कुछ न करने से शार्प दिखते हैं!तो कोई मतलब नहीं हैं!
जो काम करेगा,वो ही भूल करेगा!वो गलती करे तो इसका स्वीकार करना चाहिए!
कुछ न करने के बाद गलतिया निकलना आसान हैं!क्यो की वो गलती किसी के काम में से निकालनी हैं!काम करने वाला शार्प भले न हो!सिर्फ शार्प दिखने से काम नहीं होता!
हमे हमारी पहचान बनानी हैं!नही की हमारी ऐडवटाइज़ बना के प्रचार करना!जो काम करेगा वो ही जिस हुआ दिखेगा!आज ऐसा माहौल हैं कि टीम काम करके थकती हैं!तब जाके कोई नई व्यक्ति शार्प प्रेजेन्टेशन करके सारी क्रेडिट लेता हैं!
उस वख्त कोई नहीं दिखता,एमजीआर जब कोई पाद आके देखे तो मालूम पड़ता हैं कि काम किसने किया होगा!कुछ न करके,बहोत कुछ दिखाया जा सकता हैं!कुछ करके भी कुछ नहीं दिखा पानेमें कोई शर्म नहीं हैं!जो काम आपका हैं,अंततः उसकी क्रेडिट आपको मिलेगी जरूर!भले आज आप शार्प न दिखते हो!आज जो आपके पास हैं!सदैव आपके ही पास रहेगा!

Thursday, July 20, 2017

निर्दलीय राष्ट्रपति

कल हमारे नए राष्ट्रपति तय हो गए!कोविंद जी अब हमारे राष्ट्रपति हैं!NDA के उम्मीदवार जीत गए हैं!आज से वो हमारे 14 राष्ट्रपति होंगे!इस से पहले राष्ट्रपति के चुनाव के बारेमें मेने लिखा था!आज तक के सभी राष्ट्रपति किसी पोलोटिकल पार्टी या पार्टी समूह से जुड़े थे!जैसे कोविंद जी NDA से जुड़े थे!राष्ट्रपति या उप राष्ट्रपति बनने के बाद व्यक्ति किसी राजकीय पार्टीका सदस्य नहीं बन सकता हैं!
आज में ऐसे राष्ट्रपति के बारे में कहूंगा जो निर्दलीय उमीदवार थे!जिन्होंने भारत के इतिहासमें पहलीबार निर्दलीय उमेदवार बनके जीत हांसिल की थी!हा, जी वो इंदिरा गांधी की राजकीय चल थी कि पार्टी का उमेदवार हारा ओर इंदिरा जी ने अपना निर्दलीय उमेदवार जिताया!तब से इंदिरा याने इंडिया बन गया!जैसे आज मोदी यानी भारत हैं!
वो आयरलेण्ड के स्वतंत्रता आंदोलन में जुड़े थे।उस वख्त वो वहां पढाई करते थे!
वी.वी.गिरि भारत आये!अपना देश गुलाम था!अंग्रेजो का शाशन था!रेल सेवा नई थी!यहाँ कर्मचारी ओर अन्यका शोषण करने वाले अंग्रेजो से वो भिड़े!
स्वतंत्र भारत के वो पहले श्रम मंत्री थे!केरल ओर कर्नाटक में वो  गवर्नर थे!राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने 1967 से उपराष्ट्रपति के तौर पे काम किया था!भारत के इतिहासमें एक मात्र निर्दलीय चुनेगये राष्ट्रपति वी.वी. गिरी का नाम वरहगिरी वेंकट गिरी था!1894 के दिन जोगियाह पंतुल के घर पैदा हुए!उनके पिताजी वी.वी.जोगियाह पंतुल ओडिसा के ख्यातनाम वकील थे!
अभी तो नए राष्ट्रपति आये हैं!में उन्हें समग्र भारत वर्ष की ओर से शुभकामना देता हूं!

Wednesday, July 19, 2017

महीनों की महेनत...पलको में...

हमारे देशमें आज भी कई लोग भूखा सोने हैं!दुख के साथ कहे तो अपने देशमें दो रुपयोंमें इडली बेचने वाली सरकार लोकप्रिय बन जाती हैं!
आज भी सरकार BPL कार्ड वाले को पशु भी न खाए ऐसा अनाज देके अपनी जिम्मेदारी निभनेका प्रचार करती हैं!यहाँ केंद्र सरकार,राज्य सरकार या किसी प्रदेशकी बात नही हैं!यह पूरे देशकी कहानी हैं!सवाल ये नहीं कि सरकार क्या देगी!व्यक्ति पैदा हुआ हैं तो कुछ न कुछ खानेको मिलेगा ही!
औ में बात कर रहा हूँ!थाली में जुठा छोड़ने का निर्णय हम दो सेकंड में करते हैं!उस अन्न को पकने में कितने दिन ओर श्रम लगा होगा!विश्वमें एक चावल ऐसा हैं जिसके उत्पादन में हम अभी कुछ ज्यादा नही कर पाए!विश्वमें सभी देशों में चावल की खेती होती हैं!हम एक निवाला छोडेंगे!वो चावल का एक निवाला तैयार होनेमें 130 से अधिक दिन लेता हैं!कितने लोग ओर आयोजन पूर्वक श्रम तब जाके हमारे हाथमें एक निवाला आता हैं!

ये पोस्टर मेरे मित्र और सहयोगी डॉ.मनोज अमीन ने भेजा था!कहते हैं कि किसी एक चित्रको देखने के बाद अगर समजाना न पड़े तो वो काफी हैं!व्यावसायिक तबीब डॉ. अमीन कई सारी संस्थाओ से जुड़े हैं!

क्या आपने निवाले को छोड़ने से पहले ऐसा कभी सोचा हैं!अगर हाँ,तो छोड़ो!आप सचमे अच्छे हैं!अगर आज से पहले आपने ऐसा कभी नही सोचा तो छोड़ो'आज आप के पास एक तक हैं!'गलती सुधार लो!
जय हिंद

#thanks@मनोज अमीन

Our Happiness

Many times this happens.We are not satisfied with our lives! There are many people in the world who want to live like you! A farmer's child sees the plane flying in the sky and sees the dream of sitting or blowing in it! The same driver, Seeing the village, she misses the house! This is the truth! This is life!

If the man was happy with the peso, then the rich people dance in the road! Often such poor and middle class performs only! If there is anything from the power, then why should the security of the security of the ruling party? Those who live by the truth are happy! If beauty and fame Only the life of Satisfaction, then the film stars should have a successful married life!

There is a little story!

There was a young man! There was a train in the train! He was unemployed! When he saw that his maiden was sitting on his feet, there were expensive shoes in his feet! Youth was unhappy! He has come to you, he is cursing you! Your poverty! When the station came, On the right side, the monsieur began to descend! When young  saw it, he did not have a foot!

Why are we cursing ourselves! Those who are not ours, they were not ours! If it happened yesterday, then what happened! If not, what will happen! We have to move on to our book! You are not sad to think such a thing! Do not get any support! Only one place gets co-operation, that is your favorite person! Whatever you are yourself! You can not be someone from your side! Why do you see the life of others, let's make your way!
ट्रांसलेशन:मित्तल मुसारिया(मोडासा)

Tuesday, July 18, 2017

Roll no. 56


A few years ago, the film had come in! Nana Patekar acted! It was a unique movie!

The name of that movie was, Ab 56. Today the name of the film that is going to be talked about is 'Role number 56', the film is for children who leave studies!

There are many lakhs of children who leave studies! These are the studies that are discarded!

It was selected at many international film festivals! Many of these honors have been received by the film and its character! There are no established artists! Even then this story will keep us!
You are requested to ...
Whose children read!
That is directly related to education or in any way!
Please ... you see a movie!

ट्रांसलेशन:मित्तल मुसारिया(मोडासा)

हमारी खुशी

कई बार ऐसा होता हैं!
हम अपने जीवन से संतुष्ठ नहीं होते!विश्वमें कई लोग ऐसे हैं जो आपके जैसी जिंदगी जीना चाहते हैं!एक किसान का बच्चा आसमान में उड़ते विमान को देख के उसमे बैठनेके या उड़ानेका ख्वाब देखता हैं!उसी वख्त विमान चालक उपर से कई सारे घर या गाँव देखकर उसे घर की याद सताती हैं!यही सच्चाई हैं!यही जीवन हैं!
अगर पेसो से आदमी खुश होता तो अमीर लोग रोड पे डांस करते!अक्सर ऐसा गरीब एवं मध्यमवर्ग ही करता हैं!अगर सत्ता से सबकुछ हैं तो सत्ताधारी सिक्यॉरिटी को सिक्योरिटी क्यो !?जो सच्चाई से जीते हैं वो ही खुश हैं!अगर सुंदरता ओर प्रसिद्धि ही संतुष्टि वाला जीवन हैं तो सभी फिल्मस्टार की शादीशुदा जिंदगी सफल होनी चाहिए!
एक छोटीसी कहानी हैं!
एक युवक था!ट्रेन में मुसाफिर था!वो बेरोजगार था!उसने देखा तो उसकी बाई ओर जो महाशय बैठे थे उनके पैरों में महंगे शूज थे!युवान दुखी हुआ!उसने मनहिमन अपने आ आपको कोसा!अपनी गरीबीको कोसा!जब स्टेशन आया तो उसकी दाई ओर जो महाशय बेठेथे वो उतरने लगे!युवान ने देखा तो उनका एक पैर नहीं था!
क्यो हम अपने आपको कोसते हैं!जो हमारा नहीं हैं,वो हमारा था ही नहीं!अगर कल हो भी गया तो क्या हुआ!अगर नहिभी हुआ तो क्या!हमें अपने बुतेपर आगे बढ़ना हैं!आप भी ऐसी बाते सोचके दुखी न हो!मुजे कोई सहकार नहीं मिलता!सिर्फ एक ही जगह से सहकार मिलता हैं,वो है आपका फ़ेवरीट व्यक्ति!जो आप खुद हैं!आप से अजीज आपका ओर कोई नहीं हो सकता!दुसरो की जिंदगी क्यो देखे,चलो अपने रास्ते बनाते हैं!

Monday, July 17, 2017

Only one & 1

मेरे दोस्त!
मेरे साथी हैं!
हम साथमे काम करते थे!
हम साथमें काम करते हैं!
ओर,हम साथमें काम करेंगे!
आपको होगा कि वन ऐंड 1 में ये काम वाली बात कैसे आई!देखिये आज के दिन अगर देखे तो आपको ये महसूस होगा कि 'साले...जो पढाई करनेमे टाइम दिया!वो पढ़ाई कुछ काम नहीं आती!'अगर मार्क्स के मिलने से तपस्वियों के मार्क्स अच्छे आएंगे!वो समजे है इसकी कोई गेरंटी नहीं हैं!
हम आज बात ये नहीं करते हैं कि अव्वल आना एक बात हैं!अभिनव होना दूसरी बात हैं!आप मार्क्स के रूपमें स्थान प्राप्त कर सकते हो!आपको यूनिक सोचना हैं!यूनिक बनना हैं!आपकी सोच आपको अव्वल नहीं !प्रथम या एक नंबर के बजाय 'एक मात्र' की पहचान देगी!
अलग सोचनेका अर्थ ये नहीं है कि...सवाल पैदा करे!इसका मतलब हैं कि नया नहीं सोचना तो ठीक,गलत तो नहीं सोचना हैं!कई बातें ऐसी होती हैं जिसको आप कभी नही समज पाओगे!बहोत सारी चीजे ऐसी हैं जिसको हम नहीं समजे हैं!हम ये समझना जरूरी हैं कि हम क्या समजेंगे!इस चित्रको देखे तो कोई कहेगा एक छाता अलग हैं!कई जवाब हो सकते हैं!हा, एक बात है।जितने जवाब होंगे इसमें एक के9मन होगा कि एक अलग हैं!अगर देखा जाए तो छाता हैं!कलर या दिखावेपनबपे देखा जाय तो अलग हैं!
हम भी दिखते हैं,दुखाते हैं!
क्या हम यूनिक हैं या किसी क्रम पे अटके हैं!मीरा सीधा मतलब हैं कभी क्रम को तबज्जो न दे!आज में पहला हुन,कल मेरा दूसरा नंबर होगा!एमजीआर में जो हु,जहाँ हुन में सिर्फ में रहूंगा!में में हीं हु या किसी नंबर पे अटका हुन वो मुझे ही तय करना हैं!मुझे पदण्ड हैं कि जो कुछ हैं,यूनिक हैं!नंबर को छोड़ो,यहां अपने तरीकेसे ही देखना हैं!इस लिए हमारी यूनिक परिस्थिति को नंबर से नहीं अपने भाव से देखे!
एक छाता पीला हैं,मगर बहुमत कालो के पास हैं!एक तरीके से काले छाते विजयी हैं!मगर एक अकेला न हारने वाला पिला छाता भी अपनी जगह अलग दिखता हैं!जो आज दिखेगा,दिखेगा उसे स्वीकृति मिलेगी!हम सिर्फ परस्पर को स्वीकार करें और स्वीकृति दे!बाकी काले छातो की कमी नहीं हैं!हम खुश हैं कि मेरी पीली छतरी में कोई वहाली भी आ जाय।यूनिक हैं वैश्विक हैं!

Sunday, July 16, 2017

Trust & Love


दुनिया बढ़ती जाती हैं!जो पहले था वो आज पुराना हो चुका हैं!पहले था और आजभी हो ऐसा क्या हैं!अगर उसे खोज न सके तो हमे हमारे आसपास देखना पड़ेगा!समजना पड़ेगा!भले आज सबकुछ बदला हैं! दो शब्द ऐसे हैं जिन का महत्व आज भी नहीं बदला हैं!वो हैं विश्वास और प्रेम!ये शब्द हैं मगर उसे समजपाना ओर समजाना बहोत मुश्किल हैं!

सच्चा प्यार हो जाता है!विश्वास आहि जाता हैं!मगर विश्वास पैदा नहीं होता!विश्वासका निर्माण करना पड़ता हैं!प्यार हो जाता हैं मगर विश्वास पैदा करना पड़ता हैं!आप देखते हैं कि पिक्चरमें हाथी के पेरोमें जो व्यक्ति सो रहा हैं!उसे कोई फिकर नहीं हैं!नीचे सोने वाली व्यक्ति को विश्वास होगा!मगर हाथीभी अपने साथिको नहीं मारेगा क्यो की वोभी  इसे प्यार करता हैं!
हो सकता हैं कि हाथी को मालिक से प्यार हो,ओर मालिक को विश्वास!इसका उल्टा भी हो सकता हैं!यहाँ किसे विश्वास या प्यार है वो बात ही नहीं हैं!बात ये हैं कि दो जीव हैं, भले हाथी ओर मनुष्य हो!कोई और भी हो सकता हैं!महत्वपूर्ण हैं कि परस्पर प्यार और विश्वास हैं!
अगर देखा जाय तो इन शब्दोंका अर्थ देना मुश्किल हैं!इन शब्दों को सिर्फ निभाना होता हैं!

किसी तस्वीर को देखकर में हाथी या उसके नीचे सोने वाली व्यक्ति हु !किसी चित्रमें अपने भाव देखना और ऐसा सोचना मजा दे सकता हैं !मगर हो सकता हैं कि आपकी सोच गलत हो ओर आपको प्यार करने वाली व्यक्ति आपके पेरोमें जीवन पसार करती हो!

Saturday, July 15, 2017

સંગીતકાર લાબું જીવે...

આધુનિક સમય.આજે વિશ્વમાં સંગીત અને કલાનો આજે સુવર્ણ કાળ હોય તેવું લાગે છે.આજકાલ સંગીત કે વાદ્યકલા કોમ્યુટર આધારીત થઈ ગયું છે.કોમ્પ્યુટર ને આધારે સંગીતની તર્જ બની જાય છે ત્યારે રિયાજ અને તેની ઉપાસનાનું મહત્વ ઓછું થયું છે.

એક સમયમાં સંગીતકાર,કલાકાર  અથવા ગાયક એમના કૌશલ્યને આધારે જ જીવન જીવતા હતા.આપણી આસપાસ સંગીતના ઉપાસકો કે નૃત્યકારોને 
હંમેશા લાંબુ આયુષ્ય ભોગવતા આપણે જોયા છે.આવું કેમ થાય છે તે અંગે અનેક મુદ્દાઓ છે જે અંગે આપણે ચર્ચા કરીશું.
સંગીતમાં વાદન દ્વારા શ્રેષ્ઠ એક્યુપ્રેશર થાય છે.
સંગીતમાં જ વ્યસ્ત અને મસ્ત રહેવાથી પોતાના કે આસપાસના તણાવથી સો ટકા છુટકારો મળેછે.

કલાકાર જ્યારે સંગીતમય હોય છે ત્યારે સંપૂર્ણ ધ્યાનસ્થ હોય છે.ગાયન દ્વારા શ્રેષ્ઠ પ્રાણાયામ સહજ રીતે થાય છે.
સારા તેમજ સુંદર ધ્વની થી આત્માને ઊર્જા મળે છે.કારણ કે સંગીત આત્મા નો ખોરાક છે.

સંગીત ના નાદથી આધિ,વ્યાધિ અને ઉપાધિ મટે છે. આખા વિશ્વમાં રહેલી બધા જ પ્રકારની એનર્જી, સંગીતના ધ્વની થી મળી રહે છે.અને એજ કારણે સંગીત જે નૃત્યની આરાધના કરનાર લાંબુ જીવન જીવેછે.