Monday, October 23, 2017

मेरी बच्चो की टीम....

मेरी बेटियां।
ऋचार्मी।
एक ऋचा दूसरी चार्मी।धारा भट्ट वैसे मेरी भतीजी मगर मुजे बहोत प्यारी हैं।में उसे भटी कहेता हूं।जैना पंड्या।मेरे बड़े भाई की बेटी।मेरी ऋचाजी की फ्रेंड,फिलॉसफर ओर गाइड।एक कार्यक्रम के निर्माणमे हम साथ में काम करते थे।BISAG के एक कार्यक्रम के दौरान की एक तसवीर।साथमें भावना वाघेला जी जो कि पजल्स के एपिसोड निर्माण में मेरे साथ काम करती थी।बच्चो के साथ सीधा काम करने में मजा आया।आप भी ऐसे कोई कलाकार बच्चे को जानते हो तो हमारा संपर्क करवाये।आज हमारे सप्तरंगी फाउंडेशन से 45 से अधिक बच्चे जुड़े हैं।हम उनके लिए प्रोग्राम अरेंज करते हैं।आप भी इस कार्यमें जुड़ सकते हैं।
#जय हो...

Sunday, October 22, 2017

हम बदलेंगे...

चार बच्चे।
चार बेग,दो बच्चे आ रहे हैं।दो बच्चे जा रहे हैं।हैं तो बच्चे मगर काम जुदा हैं।जिन बच्चों नर कचरा इकठा करने वाला बेग हैं इनके परिवार भी ज्यादातर ऐसे बच्चो के जैसा ही काम करते होंगे।जो बच्चे अच्छे बेग पकड़के जा रहे हैं उनके पेरेंट्स भी ऐसे ही मजदूरी का काम करते होंगे।मजदूरी वाले बच्चो के पास पढ़ने को पैसा नहीं,स्कूल जाने वाले बच्चोबके पेरेंट्स के पास समय नहीं।जिसके पास जो कुछ हैं,उससे अधिक की वो व्यक्ति अपेक्षा रखता हैं।बेग बदल के देखो तो मालूम पड़ेगा कि हम क्या क्या प्राप्त करते हैं,या हम क्या क्या प्राप्त करने से चुके हैं।सब हो सकता हैं।धैर्य की आवश्यकता हैं।बेग में कचरा उठाने वाले बच्चे पैसा कमा लेते हैं।जो आर्थिक संम्पन परिवार के बच्चे नही कर पाते।
हमे जो करना हैं,इसके लिए हमे ध्येय सिद्ध करके आगे बढ़ना हैं।विचार को बदल ने से कुछ नही होगा,हमे व्यावस्था बदलनी हैं।हम बदलेंगे,सब बदलेगा।हम बदल के रखेंगे।हमे ही बदलना होगा।
#Bee The Change
#Bno

Saturday, October 21, 2017

भाई दूज...



Bhavesh पंड्या, भवेशपांड्या।डॉ भावेष पंड्या।डॉ recordbooklimcaindia book teacher world record teacher bhavesh pandya 2008 innovation.bhavesh geet innovation..Be the chAnge dr klam dr bhavesh dr anil gupta
भाई बीज।हिंदी वाले प्रदेश में इसे भाई दूज भी कहते हैं।भाई और बहन के प्यार का त्योहार।मेरी बहन जागु।अरे,हमारी बहन जागु।उसके दो भाई में ओर हमारी बड़ी सरकार।हम तीन भाई बहन के परिवारमें 5 बच्चे।जिसमें 4 बेटियां ओर एक बेटा।'बेटीया सबकी लेकिन लड़का हमारा।आज ऋचार्मी, जैना ओर वेनु का एक भाई।भाई का नाम निशांत।अब कुछ दिनोंके बाद बच्चियों की भाभी ओर जीजाजी भी आएंगे।आज के इस त्योहार में वैसेतो कमी नहीं हैं मगर फिरभी कुछ सदस्य ऐसे हैं जो नहीं थे उनकी कमी महसूस हुई
आज तक कि दीवाली में आज की दीवाली कुछ नई थी।नयापन न दिखते हुए भी उसका अहसास होता था।आज भाई बहन के घर जाता हैं।बहन उसे प्यार से खिलाती हैं,प्यार जताती हैं।वैसे तो में छोटा हूं, मेरे खानदान में सबसे छोटा होने के बावजूद आज परिवार में में कितनो से बड़ा हु।आज में खुश हूं।आज मेरी परिवार के साथ दीवाली हैं।कल में मेरी बहन से मिला था।दो साल बाद हम नए सालमें मिले।जिन्हें नहीं मिल पाए उनके लिए हमारी दुआ हैं।आज के त्योहारों के अंतिम दिन आप सभी को नए साल में ऊर्जा...ओर उल्लास प्राप्त हो,सभी को नए साल में पुरानी दिक्कतो का सामना न करना पड़े ऐसी नए सालमें प्रार्थना।
हम साथ रहे हैं।
हम साथ रहेंगे।
देखेंगे,समजेंगे नए तरीके खोजेंगे।
देश को अपने बढ़ायेगे, नया सवेरा लाएंगे।
आप खुश,हम खुश।हम खुश,सब खुश।
सब खुश, सबक से  खुश।
#Bnoवेशन

Thursday, October 19, 2017

हैप्पी वाली दीवाली...

आज ख़ुशिका दिन हैं।
आज दीपावली का दिन हैं।आज के दिन हम पुराने साल को पूरा करते हैं।हमारी साल भरकी निष्फलता भूल कर हम नए साल की राह देखते हैं।हम अगर पिछले साल निष्फल हुए हैं,हमारा कुछ रुका पडा हैं तो हम इस आने वाले नए साल के लिए आशा रखते हैं।
आज का ऐ अंतिम दिवस मेरी गलतियों को भुलनेका दिन हैं।नए साल में नई उम्मीदों के साथ जब भी हम काम करे हमे पूर्ण सफलता प्राप्त हो ऐसी प्रभु से प्रार्थना।मेरे ओर आप के जीवनमें सारी खुशियां भले न मिले।हर दिन खुशी से भले न कटे मगर साल को जब पीछे मुड़के देखे तो सीधा हमे अच्छा दिखाई पड़े,सफलता का मार्ग दिखाई पड़े ऐसी अभ्यर्थना रखता हूँ।
मेरे जीवनमें आने वाले हर चढ़ाव उतारमें जिन्हें दुख पहुंचा हो उन्हें में ख़ुशी दे पाउ ऐसा प्रयत्न करूँगा।में आशा रखता हूं कि जिन्हें में मील नहीं पाया उन तकभी मेरी दुआ पहुंचे।मुजे प्यार करने वाले प्यार से जिले,मुझसे नफरत करने वाले किसी से नफरत न कर पाए,मुझसे दूरी रखने वालो कि भगवान से दूरी घटे।
में ओर मेरी निजी सरकार,में ओर मेरा प्यार कभी न हारेंगे,कभी न भूलेंगे।हम सारे देशमें खुशिया भरेंगे।
#शुभमस्तु

Monday, October 16, 2017

नवतर...

आजकल शिक्षा में कुछ नए शब्द सुनने को मिल रहे हैं।जिसमें इनोवेशन एक नया शब्द भी बारबार सुनने को मिलता हैं।भारतीय प्रबंधन संस्था ने पिछले दो दशक से शिक्षामें नवाचार को खोजनेका काम हो रहा हैं।वर्ष 2014 में गुजरात सरकार ने वाइब्रैंट समिट के दौरान आईआईएम से एमओयू किये थे।इसके बाद गुजरात में स्टेट लेवल की दो कॉन्फ्रेंस के आयोजन हुआ।
वर्ष 2017 से जीसीइआरटी गांधीनगर ओर एस्सार ऑइल के बीच एमओयू हुआ।इस के बाद गुजरात में GCERT के माध्यमसे प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट क्रियान्वित किया गया हैं।GCERT द्वारा पहली बार कएस्सार ऑइल के साथ जुड़के गुजरात के शिक्षा से जुड़े नवाचार को खोजके उसे फैलाने ओर प्रस्थापित करने का काम शुरू हो गया हैं।अब हम इस कार्य के लिए समय समय पर मिलते रहेंगे।
#Bnoवेशन

Sunday, October 15, 2017

365-1

हर चित्र कुछ कहता हैं।
आप भी इस कार्टून को देखके आर्टिस्ट की बात को इशारोमें समझ गए होंगे।एक दिन जुकने से 364 दिनका जैसे घर घाटी मिल जाता हैं।मेरे एक साथी हैं।जिनका नाम परिमल हैं।वो कहते हैं कि जब मुजे ऐसा लगने लगता हैं कि में बड़ा आदमी बन गया,तभी मेरी बीबी मुजे दूध लेनेको भेजती हैं।जुमले के लिए ठीक हैं।मगर आप हँसलोगे जरूर।
#आपका हाल
#Bno

विचार कैसे खोजे...


आज हमारे पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम सर का जन्म दिबस हैं।हम आशा रखते हैं कि आप बच्चो के नवाचार इकठ्ठा करने में सहायक बनेंगे।बच्चो से नवाचार प्राप्त करने के लिए आप इस क्रम में बढ़े गए तो आसानी होगी।

आप से निवेदन हैं।आप के घरमें नवाचार की चर्चा करें।
हम ऐसा करते हैं।एक दो सवाल रखे।ये सवाल ऐसे हो कि आप स्थानिक समस्या से जुड़े हो।

ऐसे सवाल करें...

1.अगर रास्तेमें साइकल का पंक्चर हो जाये तो...

2.सायकल के साथ चलाने के अलावा और क्या क्या हो सकता हैं?

3.अगर कोई चीज गुमने से ऊर्जा पैदा होती हैं तो उसके अन्य अवकाश कोनसे हैं।

4.कैसा शौचालय बनाया जाए कि पानी की खपत कम करे?

5.दिव्यागों के लिए शौचालय की क्या डिजाइन हो सकती हैं।

6.अगर कोई बच्चा सुन नही सकता तो वो एड्रेस कैसे पूछेगा ओर बताएगा।

7.डिब्बेमें से तेल निकाल ते समय तेल बिगड़े नहीं इस के लिए क्या क्या हो सकता हैं?

8.विकलांग व्यक्ति को कार या मोटर साइकिल पर बिठाने के लिए विशेष यंत्र।

9.ICT के उपकरण के इस्तमाल करने में विकलांग व्यक्तियो को सहायक उपकरण।

10.शिखने के तरीके को रोचक बनाने हेतु सहपाठी क्रिया,प्रक्रिया।

ये सवाल सिर्फ दिशा निर्देश करते हैं।ऐसे सवाल के बाद दूसरे चरण में इस में क्या क्या उपलब्ध हैं उसके बारे में आप उनसे चर्चा करें।

ॐ शांति...

आप को सिर्फ चर्चा करनी हैं।कोई सोच या दिशा का निर्देश करना हैं।आप लोकसभा में स्पीकर की तरह  संचालन करें आपको कोई दिशा निर्देश नहीं देना हैं।

अब आप बच्चो को खुला छोड दीजिए।उनके आसपास भी कई समस्या होगी।उन्हें उनके सवाल के लिए जवाब या कोई रास्ता सोचने को कहिए।इस के लिए उन्हें 30 मिनिट का समय दीजिए।

बादमें सभी बच्चे ग्रूपमें अपना प्रेजेंटेशन करेंगे।जो भी अच्छे विचार आपको लगते हैं उसमें संम्भावना न दिखे फिरभी आप नए विचारको एकत्रित करें।

आप की सहाय से बच्चो के जो नवाचार मिलेंगे उनको srushti.org के मार्गदर्शन से उन्हें IGNIT एवॉर्ड के लिए NIF को भेजे जाएंगे।
आप सभी से ये अनुरोध हैं कि आप बच्चो के विचारों के नवाचार को इकट्ठा करने में सहयोग करें।

आज से छुट्टियां हैं।

आप आपके घर परिवार के,सोसायटी या पडोशी के या कोई भी बच्चो के नवाचार भेज सकते हैं।
आप से उम्मीदे हैं।
आप
7rangiskill@gmail.com पर अपने नए विचार भेजे।

भवदीय
डॉ भावेश पंड्या
को.कॉर्डिनेटर सृष्टि:
2017:18

09925044838

9 रत्न सप्तरंग:2017


आज 15 एक्टोबर।सप्तरंगी फाउंडेशन पिछले आठ सालों से बच्चो के विचार एकत्र करने का काम कर रहे हैं।पहले साल हमने 1 बच्चे को खोजा हैं।पिछले साल हमने आठ बच्चो को पसंद किया था।पूरे साल की प्रक्रिया के बाद हम तक पहुंचने वाले विचारो से इस बार हम 9 बच्चो को पसंद कर रहे हैं।इन बच्चों को सप्तरंगी फाउंडेशन द्वारा आयोजित किये जाने वाली कॉन्फ्रेंस में निमंत्रित किया जाएगा।

इन 9 बच्चों के विचार के आधार पर उसका प्रोटोटाइप बनाया जाएगा।प्रोटोटाइप बनाने के बाद इस नवाचार को हम सृष्टि के माध्यम से नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन को भेजेंगे।

आप को ये जान के खुशी होगी कि इस बार हमें गुजरात,राजस्थान,महाराष्ट्र और हरियाणा से विचार प्राप्त हुए हैं।स्काय फाउंडेशन नेपाल से शिवा तवांग भी हमे 12 बच्चो के विचार भेज चुके हैं।हमारे इस साल के 9 बच्चोमे नेपाल के दो बच्चे हैं जिन्होंने हमे पहाड़ो में जीवन जीने वाले लोगो के लिए नए विचार भेजे हैं।बांग्लादेश के महमद यूनुस इस बार हमसे जुड़ हैं।उन्होंने आज 15 अक्टूबर को 30 बच्चो के साथ क्रिएटीविटी वर्कशॉप का आयोजन किया हैं।उनके विचार हमे दिवाली तक मील जाएंगे।

पूरे सालमें हमे 974 से अधिक on line नवाचार भेजने वाले बच्चो के नवाचार अच्छे हैं।उनके ऊपर भी हम काम करेंगे।मगर आज अब्दुल कलाम जी के जन्म दिवस के उपलक्ष्यमें आज हमारे 9 रत्न के लिए इस बार काम देखा जाएगा।

हमारे इन 9 विचार रत्नों में इस बार कुल 12 बच्चे हैं।
नेपाल से सोना कोइराला ओर मानसी राणा ने संयुक्त रूपमें एक विचार भेजा हैं।इस के उपरांत गांधीनगर के दहेगाम से शिल्पा पटेल भी पहली बार जुड़ी हैं।पहली बार पसंद हुई  हैं।कुछ बच्चे ऐसे हैं जो हमसे जुड़े हैं और इस बार उनके नवाचार पसंद किये गए हैं।जिसमें निर्जर दवे(पालनपुर,जिन्हें पिछली साल राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका हैं।)निष्क भट्टने किचन में काम करने की नई डिजाइन के लिए पसंद हुए हैं।इसके अलावा और भी विचार निष्क ने भेजे हैं। निष्क महेसाणा से हैं।जिनका विचार पिछले साल नेशनल लेवल में पसंद हो चुका हैं।कावेरी डे केअर स्कूल की अवनी पटेल अपने दफ्तर वाले विचार के साथ दूसरी बार पसंद हुई हैं।चैतन्य जानी इस बार प्रोटोटाइप के साथ अपने नवाचार भेजने में सफल हुए हैं।कच्छ के मयूरसिंह सोढा इस बार अपने परिकर की डिजाइन के प्रोटोटाइप ओर दूसरे नवाचार के लिए पसंद हुए हैं।चार्मी भट्ट ने अखरोट तोड़ने की मशीन का प्रोटोटाइप भेजा हैं।
महाराष्ट्र के सोलापुर से सिध्धराम मशाले ओर बाला साहेब वाघ ने सीर फाउंडेशन के माध्यम से दो बच्चों को पसंद किया था।महाराष्ट्र से 700 से अधिक विचार में से अभी प्रारंभिक 2 बच्चो के विचार हमने पसंद किए हैं।रिषीपाल जी ने हरियाणा में पहले से आयोजन करके क्रिएटीविटी वर्कशॉप के माध्यम से बच्चो को पसंद करने का काम कर लिया था।उत्तराखंड की सोनिया जी अभी अपने विचारों को देख रही हैं।कुछ दिनोंमें हम उत्तराखंड के 9 बच्चो के नाम गोशित करेंगे।इस बार हम चाहते थे कि हमारे क्रिएटीविटी वर्कशॉप 9 स्टेट में हो,मगर वो संख्या 6 तक रुकी हैं।अगले साल 10 वा साल हैं।हम अगले साल 10 स्टेट तक पहुंचने का प्रयत्न करेंगे।हम इस साल के विचार भेजने वाले 12 बच्चो की विशेष जानकारी के साथ मिलते रहेंगे।
#Bnoवेशन
#7रंगी

Saturday, October 14, 2017

हम बदलेंगे...

हम जो सोचते हैं।
वो सब अगर हो जाता तो किसी व्यक्ति या व्यवस्था का महत्व न रहता।आजकल देखा जाए तो लोग कही सुनी बातोपे यकीन करते हैं।आजकल मीडिया सक्रिय हैं।मीडिया से तुरंत जुड़ा दूसरा कोई शब्द हैं तो वो हैं,सोशियल मीडिया।क्या हम उस भीड़ का हिस्सा बनेंगे?क्या हम किसी की कही सुनी बातोपे यकीन करेंगे!मेरे एक दोस्तने मुजे कार्टून भेजा।एक हड्डी केबीपीछे पूरा मीडिया चलता हैं।आज भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के पास अपनी खुद की या खरीदी हुई मीडिया हैं।अब गुजरात के चुनाव में ये ज्यादा दिखाओ देगा।इस बात को किसी दूसरे तरीके से देखते हैं।
पति सदैव अपनी पत्नी के लिए काम करता है।कुछ बाते भूलता हैं।पत्नी को कभी कुछ नहीं दे पाता।पति को हैं कि उसे पसंद न आये।इस बीच बात बिगड़ती हैं।फिर भी वो दोनों एक दूसरे के सामने न होनेबपर भी उनकी चिंता करते हैं।सुबह झगड़ा होने के बाद फोन पे एक दूसरे से बात करते हुए दोनों रो लेते हैं।दोनों एक दूसरे के लिए जीते मरते हैं।मगर फिरभी प्यारी बात पे कुछ बोलभी लेते हैं।जगड़ा भी कर लेते हैं।रोते हुए भी अपनी गलती मानते हैं,गलती जताते हैं।
मेरा मानना हैं कि पत्रकारों को अपने कर्म के बारे में भी सोचना चाहिए।क्या ऐसा हो सकता हैं कि पत्रकार खरीखोटी सुनाता हो,लिखता हो फिरभी उसका ये काम हैं।पत्रकार जैसे प्रत्येक व्यक्तिको खुश नहीं रखपायेगा वैसे ही पति और पत्नी सदैव हर बातपे खुश नहीं हो सकते,नहीं कर सकते।पत्रकारों का ठीक हैं,मगर हमे तो हमारे परिवार के साथ बीबी ओर बच्चोबके लिए कुछ तो करना हैं।
जैसे बर्थ डे पर विष न करने वाले पति को पत्नी माफ करती हैं,वैसे ही पतियों को भी ये करना चाहिए। कुछ पत्रकारों की तरह हड्डी के पीछे,यानी पुरानी आदतों के पीछे न दौड़ते हुए हर बार गिफ्ट देके विष करना चाहिए।हमे ये तय करने में दिक्कत नही होनी चाहिए कि उन्हें क्या देना हैं,क्या गिफ्ट या स्मृति देनी हैं।
मीडिया के कुछ साथियों की हड्डी तय हैं।हमारे जीवन में जैसे साथ बढ़ता हैं हड्डियां बदल जाती हैं।आज हड्डी ओर कुछ पत्रकारों के लिए दियागया आए कार्टून हमे भी पुरानी भूलने की या दिन मेनेज न करने की आदत बदले।
गायत्री परिवार में कहा जाता हैं कि 'हम बदलेगे, युग बदलेगा।हम इस नए साल से पुरानी गलती न दोहराते हुए बदलाव लाएंगे,खुद बदलेंगे।
#Bnoवेशन

Friday, October 13, 2017

विकास की समझ

कुछ चीजें जो समज नहीं आती।ऐसी चीजों के लिए हमे ये चित्र उपयोगमें आएगा।पानी की एक टँकी से दो व्यक्ति को पानी मिलना हैं।दोनों व्यक्ति के नल के कनेक्शन अलग अलग जगह से लिये गए हैं।हो सकता हैं पानी इस्तमाल करने वाला व्यक्ति कोई राज नेता हो।ये भी हो सकता हैं।मगर कायदे से प्रोसेस करके लंबी पाइप करवाके नल का कनेक्शन लेने वाली व्यक्ति को पानी नहीं मिल रहा हैं।
हर बार सही रास्ता ही लेना चाहिए।लोकशाही होने के बावजूद जो सरकार में होते हैं वो कोईभी तरीके से लाभ लेता हैं।मेरा कहनेका मतलब ये नहीं हैं कि काम करने निकलवाने के लिए कुछ भी गलत करना चाहिए।मगर ऐसी कोई चीज ध्यानमें आये तो उसके सामने आवाज उठानी चाहिए।
जो भी पाना चाहते हैं।वो हमें दो तरीको से प्राप्त होगा।हमे ये तय करना हैं कि हम राह देखेंगे या जुगाड़ करेंगे।में किसीभी महत्वपूर्ण काम के लिए राह देखने की सलाह दूंगा।
#इन्तजार